जब भी अपने यहां के टीवी सीरियल्स की बात होती है, तो बात घूम-फिर कर सरहद पार ज़रूर चली जाती है. पाकिस्तान के Serials हमेश मेला लूट जाते हैं. ऐसा नहीं है कि वो कुछ अलग कर रहे हैं या उनके हाथ कोई कमाल की मशीन लग गई हो, जो वो इस साइड से पैसे डाल रहे हो और दूसरी साइड से ड्रामा निकल रहा हो. वो वही कर रहे हैं जो हम नहीं कर रहे हैं. पर्दे पर सच्चाई दिखाना!

हम जो कहना चाह रहे हैं, वो पाकिस्तान के ये 10 ड्रामा शोज़ की लिस्ट ढंग से समझा देगी। इन कहानियों को जानने के बाद आपको लगेगा कि आप इन लोगों को पहचानते हैं, आपने ये कहानियां सुनी हैं:

1. हमसफ़र

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फ़वाद ख़ान और माहिरा ख़ान को भारत में इसी सीरियल से पहचान मिली. कहानी के मुख्य किरदार खिराद(माहिरा) और अशर(फ़वाद) हैं, दोनों अपने माता-पिता की ख़ुशी के लिए शादी करना चाहते हैं. दोनों को आपस में प्यार भी हो जाता है, लेकिन सारा(नवीन वक़ार) भी अशर से प्यार रहता है. जब वो समझ जाता है कि उसका प्यार पूरा नहीं हो पाएगा, तब वो खिराद और अशर को एक-दूसरे से अलग करने की चाहत को अपनी ज़िंदगी का मक़सद बना लेती है.

2. दाम

Source: india-forums

ज़ारा(सनम बलोच) और मलीहा(आमिना शेख) की गहरी दोस्ती रहती है, हालांकि दोनों की आर्थिक स्थिति एक-दूसरे से बेहद अलग होती है. मलीहा का भाई जुनैद (आदिल हुसैन) विदेश से पाकिस्तान वापस आता है और ज़ारा से शादी करने की इच्छा ज़ाहिर करता है. ये बात मलीहा को पसंद नहीं आती और वो अपने दोस्त के ऊपर शक़ करने लगती है. उसे लगता है कि ज़ारा इतने दिनों से पैसों के लिए उससे दोस्ती रखे हुए है.

3. मोरा पिया

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फ़ैसल (आदिल हुसैन) जो कि एक पत्रकार होता है, अवैध भू-माफ़ियाओं के ऊपर स्टोरी करता है. फ़ैसल से बदला लेने के लिए उसकी शादी के दिन भू-माफ़ियाओं ने उसकी पत्नि उजाला (आमिना शेख) का बलात्कार कर दिया. उजाला प्रेगनेंट हो जाती है, फैसल-उजाला के रिश्ते कई उतार चढ़ाव से गुज़रते हैं. फ़ैसल बच्चे को अपनाना नहीं चाहता और उजाला अपने बच्चे के बिना जी नहीं सकती.

4. कंकर

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कंकर की कहानी सामाजिक बदलाव के ऊपर है. किरन (सनम बलोच) और सिकंदर (फ़हाद मुश्तफ़ा) प्यार में होते हैं, दोनों शादी भी कर लेते हैं. सिकंदर की एक बुरी आदत होती है, बहुत जल्दी गुस्सा हो जाने की. हालांकि वो किरन से प्यार बहुत करता है. गुस्से में वो किरन के ऊपर हाथ भी उठा देता है. तंग आ कर किरन सिकंदर को छोड़ने का फ़ैसला लेती है.

5. ज़िन्दगी गुलज़ार है

Source: indiaopines

कशफ़ (सनम सईद) एक होनहार छात्रा है, लेकिन ज़िदंगी से बहुत चिढ़ी हुई. बचपन में ही उसकी पिता ने दूसरी शादी कर ली थी, इसलिए वो अपनी ज़िंदगी में किसी भी मर्द के ऊपर निर्भर नहीं रहना चाहती. पढ़ाई के दौरान उसकी मुलाक़ात ज़रून (फ़वाद ख़ान) से होती है. वो एक पारंपरिक परिवार से आता है. साल भर बाद दोनों की वापस मिलते हैं. ज़रून कश़फ को प्रपोज़ कर देता है. यहां से रोमैंटिक ड्रामा की शुरुआत होती है.

6. दास्तान

Source: hipinpakistan

लव ट्रायंगल पर आधारित दास्तान भारत-पाकिस्तान बंटवारे की पृष्ठभूमि के ऊपर तैयार की गई है. बन्नो (सनम बलोच) और हसन (फ़वाद ख़ान) एक-दूसरे से प्यार करते हैं. समय की तलवार चलती है और बंटवारे में दोनों अलग हो जाते हैं. पाकिस्तान ले जाने के झांसे में फंसने के कारण बन्नों का अपहरण हो जाता है. उधर हसन की सगाई रबिया (मेहरीन रहील) से हो जाती है. जब बन्नों वापस आती है, तो उसका दिल टूट जाता है.

7. शहर-ए-जात

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फ़लक(माहिरा खान) की ज़िंदगी बेहद आलिशान होती है, उसके एक ऑर्डर पर महंगी से महंगी चीज़ उसकी कदमों में होती है. सलमान(मिकाल ज़ुल्फ़िकार) से उसे प्यार हो जाता है, शादी भी होती है. सलमान की दुनिया से मिलते ही फ़लक की दुनिया टूट कर बिखर जाती है. उसे पता चलता है कि उसका असल लगाव सिर्फ़ महंगे सामानों से है लेकिन ज़िंदगी का मक़सद कुछ और है. इस शो में माहिरा ख़ान की आदाकारी सबसे ज़्यादा पसंद की गई.

8. दुर्र-ए-शेहवर

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दुर्र-ए-शहवर(समिना पीरज़दा) की बेटी शंदना(नादिया जमील) की शादी को लगभग दस साल हो चुके होते हैं, उसकी शादी टूटने की कगार पर पहुंच चुकी होती है. वो फ़ैसला करती है कि कुछ दिनों अपने मां-बाप के घर रहेगी. जब शंदना तलाक़ की तैयारी करने लगती है, तो उसकी मां अपनी कहानी सुनाने लगती है कि कैसे उसके और उसके पिता के बीच भी शुरुआती दिनों में रिश्ते अच्छे नहीं थे. ये शो रिश्तों को सींचना सिखाता है, बताता है कि एक रिश्ते को पकने में वक़्त लगता है.

9. Jackson Height

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कहानी है न्यू यॉर्क के पड़ोस में स्थित क्वीन्स की, वहां मौजूद चार पाकिस्तानियों की. पाकिस्तान से ये सोच कर ये चार लोग निकले थे कि उनकी पैसों की किल्लत दूर हो जाएगी। एक अजनबी शहर में समस्याओं की दल दल में धसते चले जाते हैं.

10. थकान

Source: zeenews

सदफ़(सबा क़मर) दिन रात एक कर के अपने परिवार के लिए काम करती है, वो अपने परिवार की इकलौती कमाऊ सदस्य होती है. लेकिन उसके परिवार को उसकी मेहनत की कद्र नहीं होती। वो बिना सोचे समझे उसके पैसों को ख़र्च करते जाते हैं. उसके समझाने के बाद भी ये सिलसिला नहीं रुकता. ठग हुआ महसूस करने के बाद वो ठानती है कि घर छोड़ कर चल जाएगी. सदफ़ अपने से बड़े उम्र के पुरुष से शादी कर लेती है, जिसके तीन बच्चे भी हैं. एक पारंपरिक परिवार में उसे अलग किस्म परेशानिया झेलनी पड़ती हैं.

अगर भारत के अझेल सास-बहु शो से परेशान हो चुके हैं, तो अच्छी कहानियों के लिए पाकिस्तानी सीरियल देखने में कोई बुराई नहीं, वो भी तो हमारी मूवी देखते हैं.