दोस्तों के बीच प्लान बनते रहते हैं. कभी गोवा, कभी लद्दाख, तो कभी मनाली. जाना शायद ही कभी संभव हो पाता है. इन जगहों के Plan के नसीब में टलना ही लिखा है. खैर, इन जगहों पर इस साल न जा सके तो अगले साल चले जाइएगा. लेकिन भारत में कुछ जगह ऐसे भी हैं, जहां अगर इस साल न गए तो शायद अगले साल चाह कर भी न जा पाएंगे.

भारत के ये 15 पर्यटन स्थल अपने ख़ात्मे की ओर बढ़ चुके हैं. इससे पहले कि ये पूरी तरह समाप्त हो जाएं, आप घूम आईए.

1. राखीगढ़ी, हरियाणा

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राखीगढ़ी हरियाणा के हिसार जिले स्थित एक छोटा सा गांव है. कहने को यहां ऐसी कोई भी ख़ूबसूरत चीज़ नहीं है, जिसे पर्यटक देखने यहां जाए. लेकिन ये उन लोगों के लिए अतिमहत्वपूर्ण पर्यटन स्थल हैं, जिन्हें इतिहास में रूचि है. आज का ये छोटा से गांव कभी विश्व की सबसे पुरानी सभ्यता, सिंधु घाटी सभ्यता के सबसे बड़े शहरों में से एक था. ख़राब प्रबंधन, अतिक्रमण, लूट-पाट और नज़रअंदाज़ी की वजह से आज ये ऐतिहासिक स्थल ख़ात्मे के कगार पर है. आज इसे एशिया के 10 विलुप्तप्राय: पर्यटन स्थल में गिना जाता है.

2. सुंदरबन, पश्चिम बंगाल

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इस जगह को समाप्त होने से पहले अगर आप यहां जा सके तो समझ जाएंगे कि क्यों इसे 'सुंदरबन' क्यों कहा जाता है. इसकी सुंदरता देखने वालों के आंखों से होते हुए मस्तिष्क पर छाप छोड़ जाती है. यह जंगल रॉयल बंगाल टाईगर का घर है. इसके अलावा सुंदरबन और भी कई विलुप्त होते जीव-जंतुओं का निवासस्थान है. लेकिन ये दुखद है कि जल्द ही ये सुंदर घर उजड़ने वाला है. ग्लोब्ल वॉर्मिंग, बाढ़ और भू-क्षरण की वजह से सुंदरबन ख़तरे में है.

3. Lakshadweep Coral Reef

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लक्षद्वीप जाने वाले पर्यटकों के लिए वहां का समुद्री जीवन आकर्षण का केंद्र होता है. समुद्र तल में मौजूद ख़ूबसूरत चट्टान शायद ही कहीं और पाए जाते हैं. लेकिन इस ख़ूबसूरती को भी वक़्त की नज़र लग गई. प्रदूषण, खनन, ग्लोबल वॉर्मिंग ने समुद्र स्तर को बढ़ा दिया है और इसकी ख़ूबसूरती पर बट्टा लगा दिया है.

4. जैसलमेर किला, राजस्थान

जैसलमेर के किलों का स्वर्णिम इतिहास रहा है. हज़ार साल से वक़्त की मार झेल रहे इन किलों ने न जाने कितने भूकंप सहे, न जाने कितनी धूल भरी आंधियां देखीं और न जाने कितने जंगों के साक्षी बने. साम्राज्य बनते रहे, बिगड़ते रहे लेकिन ये किले टस्स से मस्स नहीं हुए. मगर आधुनिकरण की मार जैसलमेर के किले को भीतर से कमज़ोर कर रही है. आधुनिक जल निकास व्यवस्था इन ऐतिहासिक इमारतों के लिए कब्र खोदने का काम कर रही है. इसकी वजह से 469 में से 87 ढांचे अब तक ढह चुके हैं.

5. Valley Of Flowers, उत्तराखंड

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युनिस्को द्वारा प्रमाणित ये वैश्विक धरोहर अपनी खूबसूरती की शिकार हो गई. इसे अपने विविध वनस्पतियों और प्राकृतिक सुंदरता की वजह से जाना जाता है. जब पहाड़ पर जमी बर्फ़ धीरे-धीरे पिघलना शुरू होती है, तब धीरे-धीरे इसकी खू़बसूरती अपने शबाब पर चढ़ती जाती है. शहरी विकास और अत्यधिक पर्यटन की वजह से अब ये बदहाली की ओर बढ़ रही है.

6. चिकतन किला, कारिगल

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कभी ये किला एकता और समुदाय की मज़बूती का प्रतिनिधित्व करता था, आज ये ख़ुद पहाड़ों पर तन्हा खड़ा है. 16वीं शताब्दी में बना ये किला 21 शताब्दी तक पहुंचते-पहुंचते प्राकृतिक और राजनैतिक परिस्थितियों के भेंट चढ़ गया. इसकी बाहरी दीवार कई जगहों से ढह चुका है. 20 शताब्दी में इसे अस्पताल के तौर पर भी इस्तिमाल किया गया.

7. वलुर झील, जम्मु-कश्मीर

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भारत के सबसे बड़े अलवण जल के स्रोत वलुर झील जम्मु-कश्मीर पर्यटन की जान है. जब से यहां वॉटर स्पोर्ट्स होने लगे हैं, तब से यहां जाने वालों की संख्या में काफ़ी इजाफ़ा हुआ है. किंतु बाकी पर्यटन स्थलों की तरह ये भी पर्यटन की समस्या से जूझ रहा है. धीरे-धीरे वलुर झील सिकुड़ती जा रही है.

8. मजुली, असम

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मजुली दुनिया के सबसे बड़े नदी के बीचोबीच में बसे द्वीपों में से एक है. ये भी आने वाले कुछ सालों में विलुप्त हो जाएगा. हालांकि इसकी वजह प्रदूषण नहीं है. ये जगह कारखानों से मुक्त है. इसकी समस्या भू- क्षरण है. घटते वक्त के साथ मजुली द्वीप की चौहदी छोटी होती जा रही है.

9. हेमिस राष्ट्रीय उद्यान, लद्दाख

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बेहद ऊंचाई पर मौजूद ये उद्यान स्नो लेपोर्ड्स के लिए सबसे बड़ा आशियाना है. भारत में ये इकलौती जगह है, जहां ये जानवर पाया जाता है. ये जगह कई और स्तनधारी जानवरों के लिए माकूल जगह है. लेकिन बदलते मौसम की वजह से इस जगह के भविष्य पर ख़तरा मंडरा रहा है.

10. चादर ट्रैक ट्रेल, लद्दाख

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लद्दाख में मौजूद ये 105 किलोमिटर लंबी ट्रैकिंग ट्रेल पर दुनियाभर की नज़र रहती है. कम तापमान की वजह से जम चुकी ज़नस्कर नदी पर ट्रैकिंग करना हर एडवेंचर पसंद इंसान का सपना होता है. लेकिन ये तस्वीर अब बदल रही है. जगह-जगह हो रहे निर्माण कार्य की वजह से ट्रैकिंग ट्रेल को बहुत नुकसान पहुंच रहा है.

अभी भी वक़्त है इन जगहों को देख आईए, बाद में शायद वक्त हो लेकिन ये ख़ूबसूरत जगह न रहें.

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