चौथी क्लास में पढ़ने वाला जयपुर का देवांश मिश्रा इन दिनों बॉलीवुड में वाह-वाही बटोर रहा है. क्योंकि उसने 'चिकन बिरयानी 2' नाम की एक शॉर्ट फ़िल्म में एक्टिंग ही कुछ ऐसी की है.

'चिकन बिरयानी 2' में देवांश के किरदार का नाम कशमीर है और इसमें वो एक गूंगे और बहरे बच्चे की भूमिका में है.

Source: imdb

रिलीज़ से पहले ही ये फ़िल्म कई अवार्ड और नॉमिनेशन पा चुकी है. New Delhi Film Festival में इसे बेस्ट शॉर्ट फ़िल्म का अवार्ड मिला, Great Message International Film Festival में भी इसे बेस्ट शॉर्ट फ़िल्म का अवार्ड मिला और जयपुर में हुए International Children's Film Festival में इसने बेस्ट फ़िल्म का ख़िताब अपने नाम किया.

मीडिया से हुई बाचतीच में देवांश अपने रोल के बारे में मुस्कुराते हुए कहते हैं कि फ़िल्म में मेरा नाम कशमीर है और मैंने एक गुमशुदा बच्चे का किरदार निभाया है, जो कि गूंगा और बहरा है. मैंने इस फ़िल्म में दोनों देशों के बीच एकता का संदेश दिया है.

Source: indiatimes
'जब मैं दोनों देश के बीच गुम हो जाता हूं और Zero Point के पास बेहोश पड़ा होता हूं, तब दोनों देश के सैनिक मुझसे मेरी पहचान पूछते हैं, लेकिन मैं उन्हें कुछ बता नहीं पाता. वो मेरा नाम कशमीर रख देते है और फिर कहानी आगे बढ़ती है.'

10 साल की छोटी सी उम्र में ही देवांश को ख़तरनाक चीज़ें करने का शौक़ है. स्टंट करना उसका पसंदीदा काम है, वो बिना हैंडल पकड़े एक चक्के पर साइकिल चला लेता है. देवांश कहता है, 'पृथ्वी पर ऐसा कुछ भी नहीं जो मुझे डरा सके.'

इस फ़िल्म की शूटिंग गुजरात में भारत-पाक सीमा के पास हुई है. एक सीन के बारे में बात करते हुए देवांश ने मीडिया को बताया कि हम कच्छ में शूटिंग कर रहे थे, मुझे भारत और पाकिस्तान के झंडे को एक करना था. क्योंकि मैं दोनों को पकड़े हुए था, झंडे के लकड़ी की वजह से मेरे हाथ से ख़ून बहने लगा लेकिन मैं फिर भी झंडे के ज़ोर से पकड़े रहा. क्योंकि मुझे वो सीन कंप्लीट करना था और मैंने शूटिंग के बाद भी किसी को इसके बारे में नहीं बताया.

Source: indiatimes

जब देवांश से पूछा गया कि तुमने दर्द को कैसे बर्दाश्त कर लिया तो उसने शर्माते हुए मुस्कुराहट के साथ कहा, 'मैं मजबूत लड़का हूं मुझे ऐसे छोटे दर्द से फ़र्क नहीं पड़ता.'

देवांश अपनी उम्र के बाकि बच्चों से बिल्कुल अलग है. उसकी दिनचर्या तय है. दिन के दो घंटे वो अपने घर पर एक्टिंग और डांसिंग सीखता है, उसके बाद स्कूल, ट्यूशन और खेलना भी होता है. रात के आठ बजे घर वापस आ कर पढ़ाई फिर सोने की तैयारी.

जब देवांश से पूछा गया कि क्या उसके दोस्तों को इस बात की ख़बर है कि उसकी फ़िल्म दिसंबर में रिलीज़ होने वाली है, तब उसका जवाब था, 'मैंने पहले ही अपने दोस्तों के लिए स्कूल की कैंटीन में एक बड़ी सी पार्टी दे दी है.'

फ़िल्म 'चिकन बिरयानी 2' को जाने-माने इंडो-ऑस्ट्रेलियन निर्देशक Lome Harsh ने डायरेक्ट किया है. उन्होंने फ़िल्म 'ये है इंडिया' और 'चिकन बिरयानी' से प्रसिद्धि हासिल की है. अभी तक वो कुल 25 अवार्ड और नॉमिनेश्न बटोर चुके हैं.

Source: indiatimes