पूरी दुनिया में सबसे ज़्यादा रोड एक्सीडेंट की घटनायें भारत में होती हैं. आंकड़ों के मुताबिक़, भारत में साल 2016 में तकरीबन डेढ़ लाख लोग सड़क दुर्घटना में मारे गए. ये आंकड़े बेहद शर्मनाक और चौंकाने वाले हैं. पूरी दुनिया में भारत की सड़कों को सबसे ख़तरनाक माना जाता है. हम भारतीय रोड सेफ़्टी से जुड़ी कई बातों को जानते तो हैं, पर उनको फ़ॉलो नहीं करते हैं. यही कारण है कि भारत में हर साल इतने सारे एक्सीडेंट होते हैं.

आइये जानते हैं वो कौन से कारण हैं जिनकी वजह से हमारे देश में इतने सारे एक्सीडेंट होते हैं.

1. गाड़ी चलाते वक़्त सीट बेल्ट नहीं पहनना.

अधिकतर भारतीयों को गाड़ी चलाते वक़्त सीट बेल्ट पहनना अच्छा नहीं लगता है. जबकि ये सुरक्षा और ट्रैफ़िक नियम के अंतर्गत आता है. बावजूद इसके हम ट्रैफ़िक नियमों का उलंघन कर अपनी जान को ख़तरे में डालते हैं.

2. ड्राइविंग करते समय फ़ोन पर बात और एसएमएस पढ़ना.

गाड़ी चलाते वक़्त फ़ोन पर बात करना कर और एसएमएस पढ़ना हम हिन्दुस्तानियों का फ़ेवरेट टाइम पास होता है. इस तरह की ग़लती करना अकसर बेहद ख़तरनाक साबित हो सकता है. इसलिए ड्राइविंग करते समय फ़ोन का इस्तेमाल न करें और अगर ज़रूरी कॉल है तो गाड़ी किनारे लगाकर बात कर सकते हैं.

3. ट्रैफ़िक नियमों का पालन नहीं करना.

हमारे देश में सबसे ज़्यादा हादसे ट्रैफ़िक नियमों की अनदेखी करने से ही होते हैं. लोग कहीं पहुंचने की ज़ल्दबाज़ी के चक्कर में रेड लाइट जंप कर जाते हैं जिस कारण हादसे होने की संभावना सबसे ज़्यादा होती है.

4. बेबी सीट का इस्तेमाल न करना.

ट्रैफ़िक नियमों के मुताबिक़, जब भी कार में बच्चों के साथ कहीं जा रहे हों, तो बेबी सीट का इस्तेमाल करना बेहद ज़रूरी होता है. लेकिन हमारे देश में बेबी सीट तो दूर की बात लोग ख़ुद भी सीट बेल्ट का इस्तेमाल नहीं करते हैं.

5. Wrong Side में गाड़ी चलना.

अरे यार कौन इतना लंबा घूम कर आएगा, यहीं से कट मार लेते हैं ज़ल्दी घर पहुंच जायेंगे. कुछ लोग जल्दबाज़ी के चक्कर में Wrong Side गाड़ी चलाने से भी बाज़ नहीं आते.

6. सड़क पर एक लाइन में गाड़ी न चलाकर ज़िक-ज़ैक तरीके से चलाना.

कुछ लोगों की आदत ही ख़राब होती है, वो जब तक सड़क पर गाड़ी ज़िक-ज़ैक तरीके से नहीं चला लेते उन्हें चैन ही नहीं आता. जिस कारण पीछे वालों को गाड़ी चलाने में बेहद मुश्किल होती है. जिससे एक्सीडेंट होने के मौके ज़्यादा होते हैं.

7. शीशे का इस्तेमाल नहीं करना.

सभी गाड़ियों में ड्राइविंग सीट के पास जो शीशे लगे होते हैं, ड्राइविंग करते वक़्त उनकी बहुत ज़रूरत होती है. पीछे कोई गाड़ी आ रही है या नहीं, किसको गाड़ी को पास देना है किसको नहीं, इन सभी चीज़ों के लिए शीशों का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन कुछ लोग गाड़ियों के शीशे हटा देते हैं या उनको बंद कर देते हैं.

8. तेज़ रफ़्तार से गाड़ी चलाना.

दुर्घटना होने का सबसे बड़ा कारण ही है तेज़ रफ़्तार से गाड़ी चलाना. कहीं जल्दी पहुंचने की जल्दबाज़ी में लोग अक्सर गाड़ी तेज़ रफ़्तार से चलने लगते हैं.तेज़ रफ़्तार से गाड़ी चलाना एक्सीडेंट होने का सबसे मुख्य कारण है.

9. बिना ज़रूरत के किसी गाड़ी का पीछा करना.

कुछ लोग दूसरों की गाड़ी की रफ़्तार को देखते हुए ख़ुद भी रफ़्तार से गाड़ी चलाने लगते हैं या उससे आगे निकलने की सोचते हैं. इस कारण वो ये भी भूल जाते हैं कि सड़क पर लोग भी चलते हैं.

10. गाड़ी की हेडलाइट का ज़रूरत से ज़्यादा इस्तेमाल करना.

कई लोग रात के समय बिना किसी ज़रूरत के भी हेडलाइट का ग़लत तरीके से उपयोग करने लगते हैं, जिसकी वजह से सामने से आ रही गाड़ियों के ड्राइवर को तेज़ रौशनी के कारण सामने का कुछ भी नहीं दिखाई देता है. ऐसे में एक्सीडेंट होने का ख़तरा बढ़ जाता है.

11. इंडिकेटर और डिपर का ग़लत इस्तेमाल.

इंडिकेटर और डिपर का इस्तेमाल तभी किया जाता है जब आप कम रौशनी या रात के समय यू टर्न लेना चाह रहे हों या फिर किसी टनल से गुज़र रहे हों. लेकिन इन लाइट्स के ग़लत इस्तेमाल के कारण हादसे होने के ख़तरे बढ़ जाते हैं.

12. नींद और थकान के बावजूद ड्राइविंग करना.

ऐसा करना किसी की भी ज़िन्दगी के लिए बेहद ही ख़तरनाक क़दम हो सकता है. अगर आप नींद और थकान के बावजूद ड्राइविंग करने का सोच रहे हैं, तो कृपया अपनी ज़िन्दगी ख़तरे में न डालें.

13. शराब और ड्रग्स का नशा करके ड्राइविंग करना.

गाड़ी आज तेरा भाई चलाएगा... अक्सर लोग शराब पीने के बाद कुछ ऐसा ही बोलते हैं. लेकिन किसी भी प्रकार का नशा करके ड्राइविंग करना ख़तरनाक साबित होता है.

अगर आप भी ड्राइविंग करते वक़्त इन बातों का ध्यान रखेंगे, तो हादसे से बच सकते हैं. क्योंकि आप भी जानते हैं कि दुर्घटना से देरी भली और घर पर कोई आपके इंतज़ार में बैठा है.

Source: autocarindia