कहते हैं, औरतों को कोई समझ नहीं सकता. महिलाएं, पुरुषों के मुकाबले ज़्यादा कॉम्प्लेक्स होती हैं, या यूं कहें कि पुरुषों में उन्हें समझने के लिए उतना धैर्य ही नहीं होता.

ख़ैर, अब ये तो इंसान पर ही निर्भर करता है कि वो कितना कॉम्प्लेक्स है या कितना सुलझा हुआ है. अगर आप उन लोगों में से हैं, जो सोचते हैं कि पुरुष और स्त्रियों को बनानेवाले ने एक जैसा बनाया है, तो आप ग़लत सोच रहे हैं.

फ़ीमेल बॉडी से जुड़े इन तथ्यों से तो ख़ुद स्त्रियां भी अनजान होंगी

1.

चौंकिए मत और कसम खाइये कि आज के बाद किसी भी स्त्री को परेशान नहीं करेंगे.

2.

औरतें एक दिन में 50 किलो कैलोरी तक वज़न घटा सकती हैं.

3.

तो अब बारिश में दिल खोलकर भीगना.

4.

अब समझ में आया कि अच्छे से अच्छा शैम्पू या सीरम लगाने के बाद भी बाल घने क्यों नहीं हो रहे!

5.

महिलाओं के जीभ पर पुरुषों से ज़्यादा Sweet Receptors होते हैं.

6.

स्त्रियों में ज़्यादा Nerve Receptors होते हैं इसीलिए उन्हें दर्द भी ज़्यादा होता है. अब दर्द होने पर चिल्लाना या शांत रहना है, ये तो उन्हीं पर निर्भर करता है.

7.

अब समझे कि Males को फ़िरोज़ी और सी ग्रीन में अंतर क्यों नहीं दिखता?

8.

पुरुषों के मुकाबले स्त्रियां दोगुनी तेज़ी से पलकें झपकती हैं. भाईसाहब मेक-अप का भी नहीं सोचती.

9.

पुरुषों से 10 गुना ज़्यादा Sensitive होती हैं स्त्रियों की त्वचा.

10.

अब समझे कि हर तरह के नृत्य में स्त्रियों ने महारत कैसे हासिल की?

11.

स्त्रियां High-Frequency आवाज़ों को पुरुषों से बेहतर सुन सकती हैं. और आप लोग कहते हैं कि स्त्रियां सुनती ही नहीं, बस सुनाती हैं.

12.

30 प्रतिशत गर्भवती स्त्रियों को प्रेगनेंसी के दौरान, अखाद्य चीजें भी खाने का मन करता है.

13.

1 स्त्री 1 साल में औसतन, 30-64 बार रोती हैं. जबकि पुरुष औसतन 6-17 बार ही रोते हैं.

14.

जन्म से ही स्त्रियां, पुरुषों के मुकाबले बेहतर ढंग से ख़ुशबू को पहचान सकती हैं. अब समझे कि उन्हें फूल क्यों पसंद हैं?

कुदरत ने स्त्रियों को कई मायनों में पुरुषों से बेहतर बनाया है, फिर भी उन्हें आज समानता के लिए लड़ाई लड़नी पड़ रही है.

Source: Bright side me