हिंदू धर्म में प्राचीन काल से ही देवी-देवताओं के प्रति आस्था का भाव रहा है. ये हमारी आस्था का ही प्रतीक है कि हिन्दू धर्म में पत्थर की भी पूजा की जाती है. क्योंकि हमारे वेद पुराणों में इसकी एक अलग ही अहमियत है जो धर्म से जुड़ी है. भारत में वैसे तो हर एक कदम पर आपको कोई न कोई मंदिर मिल ही जायेगा, लेकिन आज हम आपको दुर्गा मां के कुछ ऐसे प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनके प्रति भक्तों की आस्था का एक अलग ही मंज़र देखने को मिलता है. मां दुर्गा भगवान शिव की पत्नी माता पार्वती का दूसरा रूप मानी जाती हैं. माना जाता है कि माता दुर्गा देवी की उत्पत्ति राक्षसों के विनाश के लिए ही हुई थी.

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तो दोस्तों आज हम आपको दुर्गा मां के कुछ ऐसे ही 15 प्रसिद्ध मंदिरों में बताने जा रहे हैं:

1- ज्वाला देवी मंदिर, हिमाचल प्रदेश

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हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा ज़िले की कालीधार पहाड़ी पर स्थित ज्वाला देवी मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक शक्तिपीठ माना जाता है. शक्तिपीठ वो स्थान कहलाते हैं, जहां-जहां भगवान विष्णु के चक्र से कटकर माता सती के अंग गिरे थे.

2- नैना देवी मंदिर, नैनीताल

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नैनीताल की नैनी झील के उत्तरी किनारे पर नैना देवी मंदिर स्थित है. यहां माता सती के शक्ति रूप की पूजा की जाती है. इस मंदिर में दो नेत्र हैं, जो नैना देवी के बताये जाते हैं. साल 1880 में भूस्‍खलन के कारण ये मंदिर नष्‍ट हो गया था बाद में इसे दोबारा बनाया गया.

3- कामाख्या शक्तिपीठ, असम

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गुवाहाटी से 8 किमी दूर नीलांचल पर्वत पर स्थित कामाख्या शक्तिपीठ को माता के सभी शक्तिपीठों में से सर्वोत्तम माना जाता है. मान्यता है कि यहां पर माता सती का योनि भाग गिरा था, इसी से कामाख्या महापीठ की उत्पत्ति हुई.

4- करणी माता मंदिर, राजस्थान

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राजस्थान के बीकानेर से लगभग 30 किलोमीटर दूर जोधपुर रोड पर देशनोक गांव की सीमा पर स्थित करणी माता मंदिर को एक तीर्थ धाम भी माना जाता है. ये मंदिर दुनियाभर में 'चूहे वाले मंदिर' के नाम भी विख्यात है.

5- दक्षिणेश्वर काली मंदिर, कोलकाता

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कोलकाता का मां दक्षिणेश्वर काली मंदिर भारत के सबसे प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है. कहावत है कि जान बाजार की महारानी रासमणि को सपने में मां काली ने निर्देश दिया था कि इस जगह पर एक मंदिर का निर्माण किया जाए. उसके बाद ही इस भव्य मंदिर का निर्माण हुआ था. इस मंदिर में मां की मूर्ति श्रद्धापूर्वक स्थापित की गई.

6- कालकाजी मंदिर, दिल्ली

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दिल्ली के कालकाजी स्थित प्रसिद्ध कालकाजी मंदिर को मनोकामना सिद्ध पीठ के नाम से भी जाना जाता है. ये भारत के सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक है, जो मां दुर्गा के एक अवतार देवी काली को समर्पित है.

7- अम्‍बाजी मंदिर, गुजरात

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गुजरात-राजस्थान सीमा पर स्थित ये मंदिर लगभग बारह सौ साल पुराना बताया जाता है. मां अम्बा-भवानी के शक्तिपीठों में से एक इस मंदिर के प्रति मां के भक्तों में अपार श्रद्धा है. इस मंदिर के गर्भगृह में मां की कोई भी प्रतिमा स्थापित नहीं की गयी है सिर्फ़ एक श्री-यंत्र स्थापित है. इस श्री-यंत्र को कुछ इस तरह से सजाया गया है कि देखने वालों को लगे जैसे मां अम्बे साक्षात विराजमान हैं.

8- दुर्गा मंदिर, वाराणसी

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वाराणसी के रामनगर में स्थित दुर्गा मंदिर का निर्माण एक बंगाली महारानी ने 18वीं सदी में करवाया था. ये मंदिर भारतीय वास्‍तुकला की उत्‍तर भारतीय नागारा शैली में बना हुआ है. मान्‍यता है कि इस मंदिर में स्‍थापित मूर्ति को मनुष्‍यों द्वारा नहीं बनाया गया है, बल्कि ये मूर्ति स्‍वयं प्रकट हुई थी, जो लोगों की बुरी ताकतों से रक्षा करने आई थी.

9- श्री महालक्ष्मी मंदिर, कोल्हापुर

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श्री महालक्ष्मी मंदिर प्रसिद्ध शक्तिपीठों में से एक माना जाता है. भगवान विष्णु की पत्नी होने के कारण ही इस मंदिर का नाम माता महालक्ष्मी पड़ा. मान्यता है कि जो भी भक्‍त अपनी मनोकामना लेकर यहां आता है, मां के आशीर्वाद से उसकी हर मुराद पूरी हो जाती है.

10- श्रीसंगी कलिका मंदिर, कर्नाटक

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काली मां को समर्पित श्रीसंगी कलिका मंदिर कर्नाटक के बेलगाम में स्थित है. ये मंदिर कर्नाटक के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में एक है. यहां पर मां दुर्गा के काली रूप की पूजा करने की परम्परा है.

11- छतरपुर मंदिर, दिल्ली

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दिल्ली के छतरपुर में स्थित इस मंदिर को श्री अध्‍य कात्‍यानी शक्ति पीठ के नाम से भी जाना जाता है. ये मंदिर देवी कात्‍यायनी जो देवी दुर्गा का छठां स्‍वरूप है उनको समर्पित है. अन्‍य मंदिरों के विपरीत इस मंदिर में हर जाति और हर धर्म के श्रद्धालुओं को दर्शन करने की अनुमति है. इस मंदिर को देवी दुर्गा मां के एक उत्‍साही भक्‍त स्‍वामी नागपाल ने बनवाया था. इस मंदिर की नक्‍काशी दक्षिण भारतीय वास्‍तुकला में की गई है.

12- दंतेश्‍वरी मंदिर, छत्तीसगढ़

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छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में स्थित दन्तेवाड़ा का दंतेश्‍वरी मंदिर ख़ूबसूरत वादियों में बसा एक प्राचीन मंदिर है. ऐसी मान्यता है कि यहां पर मां सती का एक दांत गिरा था, जिसके कारण जगह का नाम दंतेश्वरी पड़ा.

13- अधर देवी मंदिर, राजस्थान

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राजस्थान के ख़ूबसूरत हिल स्टेशन माउंट आबू में स्थित अधर देवी मंदिर विश्वभर में प्रसिद्ध है. अर्बुदा देवी को दुर्गा मां के नौ रूपों में से एक कात्यायनी देवी का ही रूप माना जाता है. जो देश की 52 शक्तिपीठों में छठा शक्तिपीठ गिना जाता है. मान्यता है कि भगवान शिव के तांडव के समय माता पार्वती का अधर यहीं गिरा था.

14- झण्डेवालान माता मंदिर, दिल्ली

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दिल्ली स्थित झण्डेवालान माता मंदिर देश के सुप्रसिद्ध मंदिरों में से एक है. मान्यता है कि इस मंदिर में भक्तों की हर मनोकामनाएं पूरी होती हैं. यही कारण है कि यहां हज़ारों की संख्या में भक्त माता रानी के दर्शन करने आते हैं.

15- गढ़ कालिका-हरसिद्धि, उज्जैन

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मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर के समीप शिप्रा नदी के तट पर हरसिद्धि माता का मंदिर है जिन्हें राजा विक्रमादित्य की कुलदेवी मानी जाता है. उज्जैन के कालीघाट स्थित कालिका माता का यहां एक प्राचीन मंदिर है, जिसे गढ़ कालिका के नाम से भी जाना जाता है.

तो दोस्तों अगर आप भी इनमें से किसी एक मंदिर में दर्शन करने का सोच रहे हैं, तो देरी किस बात की.