दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश, अमेरिका में मास शूटिंग की घटनायें आम हैं और इस वजह से हर साल किसी न किसी स्कूल में मास शूटिंग्स की घटनायें हुई हैं, इसके पीछे मुख्य कारण है, अमेरिका में Arms Licence आसानी से मिलना.

Source- Off Grid Survival

14 फरवरी, 2018, के अमेरिका के फ़्लोरिडा राज्य में Marjory Stoneman Douglas High School में भी ऐसी ही घटना घटी. छुट्टी के समय, पूरी प्लैनिंग के साथ एक हत्यारे ने स्कूली बच्चों पर गोलियां चला दीं. हमलावर था इसी स्कूल का पूर्व छात्र Nicholas Cruz जिसे स्कूल में लड़ाई-झगड़ा करने का कारण निकाल दिया गया था.

Nicholas ने सबसे पहले स्कूल के फ़ायर-अलार्म को एक्टिवेट किया, इसके बाद गैस मास्क पहनकर स्मोक ग्रेनेड फेंके. इससे पहले छात्रों और शिक्षकों को कुछ समझ आता, Nicholas ने अपनी .223 Caliber AR-15 Style Rifle से गोलियां दागनी शुरू कर दी. हमला करने के बाद Nicholas छात्रों की भीड़ में ही शामिल होकर स्कूल से भाग गया. CCTV रिकॉर्डिंग्स की बदौलत उसे Coral Springs(स्कूल के पास की जगह) से गिरफ़्तार किया गया.

इस हमले में 17 छात्रों और शिक्षकों की मौत हो गई और 15 से ज़्यादा लोग घायल हो गये. Nicholas को पढ़ा चुकी एक शिक्षिका ने बताया कि हमले से कुछ दिनों पहले वो स्कूल के कुछ छात्रों को सोशल मीडिया साइट्स पर धमकी भरे संदेश भी भेज रहा था.

फ़्लोरिडा के स्कूल में हमले को अमेरिकी स्कूलों में हुए हमलों में सबसे ख़तरनाक बताया जा रहा है.

जहां दुनिया में एक तरफ़ दहशतगर्द डर फैला रहे हैं, वहीं इन बुरी घटनाओं में भी कुछ न कुछ ऐसा ज़रूर होता है जिससे इंसानियत पर हमारा विश्वसा बरक़रार रहता है. इस हमले में जहां सभी जान बचाकर भाग रहे थे, वहीं 15 वर्षीय Peter Wang ने अपनी जान दांव पर लगाकर अपने दोस्तों की जान बचाई. जब Nicholas ने स्कूली बच्चों ने हमला किया तब Peter ने कुछ ऐसा किया जो आमतौर पर सब नहीं कर पाते. जब सभी छात्र भाग रहे थे, तो Peter ने दरवाज़ा खोलकर रखा, इस कारण Peter ने अपनी जान गंवाई.

Peter का भाई, Aaron Chan भी उसी स्कूल में पढ़ता था और उसने Peter की जांबाज़ी देखी. उसके बचपन के दोस्त, Gabriel Ammirata ने बताया कि वो एक नेक दिल इंसान था.

जो माता-पिता अपने बच्चों के बारे में जानकारियां चाहते थे, उन्हें पुलिस अधिकारियों ने एक होटल में बुलाया था. Peter के माता-पिता को भी वहीं पर उसकी मृत्यु की ख़बर पता चली.

छात्रों की जान बचाते हुए 3 शिक्षकों की भी मृत्यु हुई. मृतकों की आत्मा की शांति के लिए अमेरिका के अलग-अलग शहरों में हज़ारों लोगों ने एकजुट होकर प्रार्थना की.

ग़ौरतलब है कि अमेरिका में लोगों के पास हथियार रखने का अधिकार है. Gun Violence Archive के अनुसार 1 जनवरी से 15 फरवरी तक अमेरिका में 6732 Mass Shootings हुए हैं जिसमें 1856 लोगों की मृत्यु हुई और 3,213 लोग घायल हुए. हथियार रखने के अधिकार पर कई नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और यहां तक की आम जनता तक ने आपत्ति जताई है, पर किसी भी सरकार ने अब तक इस क़ानून में संशोधन नहीं किया है.

आप ही सोचिये, उन मासूम बच्चों ने किसी का क्या बिगाड़ा था?

Source- Daily Mail