हम भारतीयों की डिक्शनरी में 'नामुकिन' शब्द नहीं होता है. हम भारतीय जितना खाने-पीने और खेलने-कूदने में आगे रहते हैं, उतना ही पढ़ाई-लिखाई में भी अव्वल रहते हैं. भारतीय हर जगह अपनी काबिलियत का कमाल दिखा चुके हैं. मतलब हम भारतीयों की जितनी तारीफ़ की जाए, उतनी कम है.

आजकल एक और भारतीय अपने अनोखे कारनामे की वजह से चर्चा में है. तमिलनाडु के पल्लापट्टी में रहने वाले 18 वर्षीय रिफ़त शारूक ने दुनिया की सबसे छोटी सैटेलाइट बनाई है. 64 ग्राम की इस सैटेलाइट को कलामसैट (KalamSat) नाम दिया गया है. NASA के इतिहास में यह पहली बार होगा, जब एक इंडियन स्टूडेंट के इनवेंशन को NASA लॉन्च करेगा.

पल्लापट्टी में TOI से इंडिया से बातचीत के दौरान रिफ़त शारूक ने कहा 'इसकी मिशन की अवधि 240 मिनट होगी और छोटे उपग्रह अंतरिक्ष के माइक्रो ग्रैविटी वातावरण में 12 मिनट तक काम करेंगे.'

दरअसल, इस सैटेलाइट का लक्ष्य 3D प्रिटेंड कार्बन फाइबर के परफॉमेंस को प्रदर्शित करना और तापमान व रेडिएशन को रिकॉर्ड करना होगा. रिफ़त की इस सैटलाइट को 'क्यूब्स इन स्पेस' नाम की प्रतियोगिता में 57 देशों के प्रतिभागियों द्वारा पेश की गई 86,000 डिज़ाइन्स से चुना गया है.

रिफ़त ने बताया 'हमारे के लिए ये सैटेलाइट एक बहुत बड़ी चुनौती थी. इस सैटेलाइट को तैयार करने से पहले हमने दुनिया भर के बहुत सारे Cube Satellites पर रिसर्च किया और हमने पाया कि हमारा सैटेलाइट सबसे छोटा है.'

कुछ महीनों पहले ही भारत ने स्पेस में 104 सैटेलाइट एक साथ भेज कर रिकॉर्ड बनाया था.

Source : indiatimes