घर से ले कर ऑफ़िस तक आपके आस-पास ऐसे कई लोग मौजूद होंगे, जो 90s के गानों को लेकर दीवाने होंगे. हो सकता है ख़ुद आपके फ़ोन में भी 90s का एक अच्छा ख़ासा कलेक्शन हो! कहते हैं कि जो बात 90s के गानों और फ़िल्मों में थी वो आज के गानों और फ़िल्मों में नहीं.

मशहूर डिज़ाइनर अक्षर पाठक ने इस बात को सच करके दिखाया है कि बॉलीवुड की सफ़लता के लिहाज़ से 90s वाकई सबसे लकी दौर था. ख़ासतौर से 90s का 1997 ऐसा साल था, जब बॉलीवुड ने बॉक्स ऑफ़िस पर हिट फ़िल्मों की लाइन लगा दी थी.

इस साल बॉलीवुड में करीब 20 फ़िल्में बनी थी, जिनमें से केवल दो ही फ़्लॉप साबित हुई थी.

इस साल 'बॉर्डर', 'दिल तो पागल है', 'इश्क़' और 'चाची 420' जैसी फ़िल्में आई थी, जिन्होंने बॉक्स ऑफ़िस पर अच्छा-ख़ासा कारोबार किया था. इसके साथ ही जो दो फ़िल्में फ़्लॉप थीं उनमें 'दौड़' और 'मृत्युदाता' का नाम शामिल था.

भाई कुछ भी कहो लड़के की Observation कमाल है. 90s आज से ज़्यादा क्यों बेहतर था ये बताने के लिए एक और वजह मिल गई.