राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में भी सुरक्षा के हालात चिंताजनक हो चुके हैं. दरअसल, मध्य प्रदेश में रतलाम के पास मुंबई-दिल्ली अगस्त क्रांति राजधानी एक्सप्रेस में बुधवार तड़के 25 यात्रियों से करीब 10-15 लाख रुपये का कीमती सामान चुराकर बदमाश फ़रार हो गए. रेलवे मंत्रालय की तरफ़ से मिली जानकारी के अनुसार, रात के करीब 2-3 के बीच लुटेरों ने ट्रेन के 7 कोच को अपना निशाना बनाया.

वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, ट्रेन में मौजूद रेलवे पुलिस फ़ोर्स के तीन सदस्यों से इस सबंध में पूछताछ की जाएगी. लूटपाट का शिकार हुए यात्रियों को घटना की भनक तब पड़ी, जब ट्रेन राजस्थान के कोटा जक्शन पहुंची और यात्रियों को खाली पड़े अपने पर्स और छोटे बैग टॉयलट के पास मिले. कुछ यात्रियों ने निज़ामुद्दीन स्टेशन में GRP के पास घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई है.

सूचना के मुताबिक, कई यात्रियों ने कैश गायब होने की शिकायत दर्ज कराई, तो वहीं कुछ ने iPhone, अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के साथ आधार कार्ड और कई ज़रूरी दस्तावेज़ चोरी होने की बात कही.

घटना का शिकार हुए यात्रियों कहना है कि उन्हें चुपके से नशीला पदार्थ दे दिया गया था, ताकि लुटेरे नींद में आराम से चोरी की घटना को अंजाम दे सकें. वहीं कुछ यात्रियों ने घटना में रेलकर्मियों के शामिल होने का आरोप लगया है.

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रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने वारदात पर अफ़सोस जताते हुए कहा, 'इससे पहले भी लूटपाट की घटनाएं होती थीं जो कम हो रही हैं. हम हर ज़रूरी कदम उठा रहे हैं. ट्रेन कोच में सीसीटीवी कैमरा लगाए जा रहे हैं.' मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि अगर इस संबंध में कोई रेलकर्मी दोषी पाया गया, तो उसके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

इस वारदात से एक बात तो साफ़ है कि सरकार सुरक्षा के चाहे कितने ही दावें क्यों न कर ले, लेकिन हकीकत यही है सड़क से लेकर ट्रेन तक, आम आदमी कहीं भी सुरक्षित नहीं है.

Source : financialexpress