देश का सबसे बड़ा संस्थान है इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (IIT) और आज हम आपको जो ख़बर बताने जा रहे हैं, वो IIT- कानपुर के तीन पूर्व छात्रों की है, जो देश के लिए गर्व की बात है. ख़बर ये है कि IIT- कानपुर के तीन पूर्व छात्रों को फ़ोर्ब्स मैगज़ीन की 2017 की टॉप 30 अंडर 30, सूची में जगह मिली है. इन तीनों छात्रों ने बड़ा कारनामा कर दिखाया है.

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लखनऊ के रहने वाले फरीद अहसान (24), गोरखपुर के भानू प्रताप सिंह (25) और गाजियाबाद के अंकुश सचदेव (23) को सोशल नेटवर्किंग ऐप 'शेयरचैट' बनाने के लिए इस लिस्ट में शामिल किया गया है. आपको बता दें कि फ़ोर्ब्स मैगज़ीन के फरवरी एडिशन में इस लिस्ट को जारी किया गया है.

फरीद, भानू और अंकुश द्वारा 'शेयरचैट' ऐप को खासतौर पर उन लोगों के लिए बनाया गया है, जो हिन्दी बोलते, लिखते और पढ़ते हैं, या जो इंग्लिश समझ नहीं पाते हैं. यह ऐप उनके लिए अंग्रेजी को आसान बनाने का काम करेगा.

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फ़ोर्ब्स मैगज़ीन की इस लिस्ट में ऐसे युवाओं, लीडर्स और उनकी कंपनियों को शामिल किया गया है, जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में कुछ नया करके बड़ा बदलाव किया और मिसाल के तौर पर उभरे हैं.

IIT- कानपुर के इन तीन पूर्व छात्रों को फ़ोर्ब्स की टॉप 30 अंडर 30 की सोशल मीडिया, मोबाइल टेक और कम्युनिकेशन कैटगरी में रखा गया है.

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फ़ोर्ब्स लिस्ट में नाम शामिल किए जाने पर लखनऊ में रहने वाले फरीद ने कहा कि फ़ोर्ब्स की लिस्ट में जगह पाकर हमें बहुत अच्छा लग रहा है. इसके ज़रिये 'शेयरचैट' को काफ़ी पहचान मिल रही है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ग्रेजुएशन करने के बाद फरीद, भानू और अंकुश ने हाई सैलरी पैकेज वाली नौकरी के ऑफ़र्स को रिजेक्ट कर दिया था और अपने सपनों को पूरा करने के लिए उद्यमिता (Entrepreneurship) का रास्ता चुना.

हिन्दुस्तान टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, भानू ने बताया कि हमारा इंटरेस्ट हमेशा से तकनीक की तरफ ही था और इसी जुनून और ललक ने हमें इंटरनेट से जुड़े प्रोडक्ट्स बनाने के लिए प्रेरित किया. शुरुआत में हमको कई विफ़लताओं का सामना करना पड़ा और कई बार हमारे प्रोडक्ट्स को ठुकराया भी गया, लेकिन लगातार कोशिश करने के बाद अब जाकर 'शेयरचैट' के रूप में हमें सफ़लता हासिल हुई है. फिलहाल, 'शेयरचैट' यूजर्स की संख्या हर महीने लगभग 30 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है.

गौरतलब है कि 2015 में लॉन्च किया गया 'शेयरचैट' ऐप ऐसा पहला सोशल नेटवर्किंग एप्ल‍िकेशन है, जिसे क्षेत्रिय भाषाओं को बोलने वाले उपभोक्ताओं के लिए बनाया गया है.

आपको बता दें कि ये एप्लीकेशन देश की 8 भाषाओं में उपलब्ध है, जिसमें हिन्दी, मराठी, मलयालम, तेलुगु, गुजराती, पंजाबी, तमिल और बंगाली शामिल हैं.

इन तीनों ने कहा कि 'पहले केवल Facebook, Twitter जैसे सोशल नेटवर्क्स को ही इतने बड़े स्तर पर प्रोत्साहित किया जाता था और उनकी प्रशंसा की जाती थी, लेकिन आज ये बात बिलकुल साफ़ हो गई है कि आने वाले समय में भारत के नए स्टार्टअप्स का भविष्य सुनहरा है.'

गौरतलब है कि पिछले साल लखनऊ की अन्शुलिका दुबे, जो Wishberry.in की को-फाउंडर और सीईओ थीं, को भी Forbes Asia ‘Top 30-under-30’ की लिस्ट में शामिल किया गया था.

फरीद, भानू और अंकुश को ग़ज़बपोस्ट की ओर से ढेर सारी शुभकामनाएं और बधाई!