राजस्थान में अलवर जिले के बहरोड़ में रहने वाले तीन ग्रामीण युवकों ने पीएम मोदी के डिजिटल इंडिया अभियान से प्रेरणा लेते हुए, 95 फ़्री एजुकेशन App तैयार कर सभी चौंका डाला.

राहुल यादव, साहिल गुप्ता और देवेंद्र सिंह नाम के इन तीनों लड़कों ने फ़्री एजुकेशन App को RDS एजुकेशन नाम दिया है. इस App का अविष्कार करने वाले इन तीनों युवकों की उम्र महज़ 19 साल है. इन तीनों दोस्तों ने इस App का नाम, अपने नाम के पहले अक्षर को मिला कर रखा है. RDS मतलब राहुल, देवेंद्र और साहिल.

जनसत्ता से इस विषय पर बात करते हुए राहुल ने बताया, 'आगे आने वाला दौर डिजिटल इंडिया का है. एक वक़्त ऐसा भी आएगा, जब छात्रों के हाथों में बैग की जगह टैब होंगे. पढ़ने के लिए किताबे नहीं Apps होंगे और लिखने के लिए पेन नहीं कीपैड होगा. छात्रों के इस सपने को पंख लगाने के लिए ही हमने इन एजुकेशन Apps की दुनिया में कदम रखा है.'

क्या है ये RDS App?

दरअसल, RDS एजुकेशन एक आर्टीफ़िशियल इंटेलीजेंस सॉफ़्टवेयर है, जिस आप आसानी से अपने फ़ेसबुक मैसेंजर से लिंक कर सकते हैं. मैसेंजर से लिंक करने के बाद इसे डाउनलोड या इंस्टॉल करने ज़रूरत नहीं पड़ेगी. आप मैसेंज़र पर RDS एजुकेशन सर्च करके इसका उपयोग कर सकते हैं.

आइए अब आपको बताते हैं इस App से जुड़ी कुछ ख़ास बातें.

1. दरअसल, RDS ने न कि सिर्फ़ शिक्षा के क्षेत्र में अलग-अलग Apps बनाए, बल्कि धर्म, स्वास्थ्य, खेल, समाचार और चैटिंग Apps भी का भी बनाए.

2. इस App की सबसे ख़ास बात ये है कि इसमें कक्षा 8 से 12 तक, सभी विषयों के पाठ्यपुस्तक के अनुसार प्रश्न-उत्तर नोट्स भी उपलब्ध हैं.

3. इसमें शरीर की देखभाल और स्वास्थ्य संबंधित जानकारियां भी उपलब्ध हैं.

5. प्रतियोगिता परीक्षा के दौरान भी आप इस App की मदद ले सकते हैं.

इस App की ख़ासियत जानने के बाद लगता है कि जल्द ही देश की शिक्षा प्रणाली में नई क्रांति आने वाली है. हम तो यही कहेंगे कि शाबास लड़कों. तुम लोग आज और कल की पीढ़ी के लिए प्रेरणा हो.

Source : jansatta