केंद्र सरकार ने हाल ही में स्मार्टसिटी प्रोजेक्ट में शामिल होने के लिए 30 और शहरों की घोषणा की है. इसी के साथ ही स्मार्ट सिटी के लिए चुने गए शहरों की संख्या अब 90 हो गई है.

ये घोषणा केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री वैंकेया नायडू ने शुक्रवार को की. हालांकि, सरकार कुल 40 नामों की घोषणा करने वाली थी, लेकिन पश्चिम बंगाल और मुम्बई के प्रतियोगिता में शामिल न होने की वजह से इनकी संख्या कम हो गई.

वैंकेया नायडू ने बताया कि इस सूची में कुल 45 शहरों में होड़ थी, लेकिन केवल उन 30 शहरों को चुना गया है जहां योजना के अनुसार अच्छे से काम हो सके.

केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम इस फ़ेहरिस्त में अव्वल रही. वहीं, छत्तीसगढ़ की राजधानी नया रायपुर दूसरे नंबर पर रही. जम्मू और श्रीनगर को भी स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के लिए चुना गया है. इस बार उत्तराखंड की राजधानी देहरादून को भी इस सूची में जगह मिल गई.

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इन शहरों ने स्मार्ट सिटी प्लान के तहत लगभग 57 हज़ार करोड़ रुपए खर्च करने का प्रस्ताव दिया है. शहरों की संख्या 90 होने के साथ ही अब स्मार्ट सिटी प्लान का इनवेस्टमेंट 1,91,155 करोड़ रूपए हो गया है.

कुछ शहर तो स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल होने की न्यूनतम योग्यता भी नहीं पूरी कर सके. सोनिया गांधी के लोकसभा क्षेत्र, रायबरेली को भी इसमें जगह नहीं मिल सकी.

इस सूची में शामिल तीस शहरों के नाम इस प्रकार हैं -

तिरुवनंतपुरम, नया रायपुर, राजकोट, अमरावती, पटना, करीमनगर, मुज़फ्फरपुर, पुड्डुचेरी, गांधीनगर, श्रीनगर, सागर, करनाल, सतना, बंगलुरू, शिमला, देहरादून, तिरुपुर, पिम्परी चिन्चवाड़, बिलासपुर, पासीघाट, जम्मू, दहोद, तिरुनेवेली, तूथुकुड़ी, तिरुचिरापल्ली, झांसी, आइज़वाल, इलाहाबाद, अलीगढ़ और गंगटोक

30 में से 26 शहरों ने शहरी गरीबों के लिए सस्ते हाउसिंग प्रोजेक्ट शुरू करने का प्रस्ताव दिया है. वहीं, 26 शहर स्कूल और अस्पतालों के विकास के लिए काम करेंगे और 29 शहरों ने सड़कों के विकास का वादा किया है.

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