बढ़ते प्रदूषण की रोकथाम के लिए पेड़-पौधों को लगाने की सलाह दी जाती है. पेड़ काटने पर जुर्माना भी देना पड़ सकता है. अच्छी हेल्थ के लिए शुद्ध हवा में सांस लेना बेहद ज़रूरी है, लेकिन पेड़-पौधों को लेकर एक चौंका देने वाली ख़बर आई है.

मुंबई-गोवा हाईवे को चौड़ा करने के लिए 31 हज़ार पेड़ काटे जाएंगे. इन पेड़ों को काटने के लिए 6.6 करोड़ ख़र्च किए जाएंगे. इतने पेड़ों के काटे जाने के बाद वहां नर्सरी लगाई जाएगी.

अधिकारियों के मुताबिक, भूमि अधिकरण का काम ख़त्म होते ही, पेड़ काटने का काम शुरू कर किया जाएगा. वहीं चार लेन और राजमार्ग बनाने का काम इसी साल की मई से शुरू कर दिया जाएगा.

पर्यावरण सोसाइटी के संस्थापक डॉ. एसबी कडरेकर का कहना है कि 'सिर्फ़ पेड़ पौधों को ही नहीं, बल्कि मिट्टी और पानी को भी बचाया जाना चाहिए. जंगलों के कटने के कारण प्रति हेक्टेयर लगभग 10 टन मिट्टी नष्ट हो जाती है.'

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PWD NH 66 Section के इंजीनियर वंसत तकाले ने कहा कि 'महंगे प्रत्यारोपण के बजाय, हमें बिहार मॉडल को अपनाना चाहिए. बिहार में किसानों को 3 साल तक पेड़ों के प्रत्यारोपण और देखभाल करने के लिए 1.5 लाख रुपये का भुगतान किया जाता है.

वहीं महाराष्ट्र के राष्ट्रीय क्षेत्रीय अधिकारी राजीव सिंह का कहना है कि 'मुंबई-गोवा राजमार्ग का काम पूरा हो गया है. 

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