39 साल की एक शादीशुदा महिला जिसको बचपन से अपनी Fitness की कोई चिंता न रही हो, कुछ सालों की कड़ी मेहनत से Bodybuilding में State Level Champion बन जाती है. इसके बावजूद उसने न घर-परिवार की ज़िम्मेदारियों से इंकार किया, न उन मुश्किलों से हारी, जो उनके रास्ते में आती गईं. आप भी जानना चाहेंगे न ऐसी महिला की कहानी?

आज हम आपको मिलवाते हैं ग़ाज़ियाबाद की शर्मिला भट्टाचार्य से.

2012 की बात है, 34 वर्षीय शर्मिला की ज़िन्दगी किसी आम गृहणी की तरह ही बीत रही थी. उनका वज़न उस समय 76 किलो था इसलिए उन्होंने इन्द्रपुरम के एक जिम में जाना शुरू किया. 7 महीने में ही शर्मिला ने अपना वज़न कम कर लिया और Fit नज़र आने लगीं. तब उनके ट्रेनर ने उनसे सवाल किया कि आगे उनका क्या इरादा है?

शर्मिला ने ट्रेनर से एक दिन का वक़्त मांगा और रात भर इन्टरनेट खंगालती रहीं. उन्हें Andreia Brazier (Fitness Model) की तस्वीर मिली. अगले दिन वो तस्वीर उन्होंने अपने ट्रेनर को दिखाकर कहा ' ऐसा बनना है.'

एक फ़ैसले ने बदल दी शर्मिला की ज़िन्दगी

यही वो फ़ैसला था जिसने शर्मिला की ज़िन्दगी बदल दी. उन्होंने Muscle Building Weight Training शुरू की, एक ऐसा काम जिसे समाज में सिर्फ़ मर्दों से जोड़कर देखा जाता है. 2015 में शर्मीला ने Professional Body Building में क़दम रखा.

पहली बार में ही शर्मिला को Bodybuilding में UP State Championship में दूसरा स्थान मिला लेकिन उन्हें Silver Medal से संतोष नहीं था. उसके बाद 2 महीने की कठिन ट्रेनिंग के बाद 2016 में उन्होंने Delhi State Championship में Gold Medal जीता. इसके अलावा 2016 में ही उन्हें North India Championship में भी Gold Medal मिला.

आसान नहीं होता महिला होना फिर State Level Champion होना

शर्मिला एक 13 साल की बच्ची की मां हैं. जिस जिम में शर्मिला ट्रेनिंग लेती थीं उसी में अब अन्य महिलाओं और लड़कियों को ट्रेन भी करती हैं. वे उन सभी लड़कियों की प्रेरणा हैं जो इन्द्रपुरम के जिम में उनसे ट्रेनिंग लेती हैं. शर्मीला जिम में रोज़ घंटों कड़ी मेहनत करती हैं. शर्मिला की रोज़ की ख़ुराक में एक किलो चिकन और 15-20 अंडे शामिल हैं. उनका मानना है कि हर महिला को अपनी Fitness का ध्यान रखना चाहिए. उन्होंने सलवार सूट और साड़ी की जगह Track Suit या Jeans और T-Shirt पहनकर बाहर निकलना शुरू किया.

शर्मिला जब शॉपिंग करने या किसी काम से बाहर निकलती हैं तो लोग उन्हें आश्चर्य से देखते हैं. कई बार कुछ लोग उन्हें रोककर पूछते भी हैं कि क्या वो Body Builder हैं? पिछले साल इन्द्रपुरम में Habitat Center के पास दो आदमी उनका मोबाइल छीन के भाग रहे थे. शर्मिला ने पीछे बैठे आदमी का हाथ पकड़ के खींच लिया. इसके बाद ड्राईवर ने बन्दूक निकाल ली तो शर्मिला दिया. अब शर्मिला से उचक्कों को सबक सिखाना चाहती हैं.

हर लड़की हो Fit, यही है शर्मिला का ख़्वाब

शर्मिला दूसरे Body Builders की तरह ख़ुद का जिम या ट्रेनिंग सेंटर नहीं खोलना चाहतीं, बल्कि वो स्कूली बच्चों और सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली लड़कियों को Fitness Training देना चाहती हैं. उनका मानना है कि सभी महिलाओं और बच्चों के लिए Fitness सबसे ज़रूरी है. Fitness से न सिर्फ़ दिमाग़ अच्छा सोचता है बल्कि इससे ज़िन्दगी में Motivation भी मिलता है.

फ़िलहाल शर्मिला Asian Body Building and Championship और 2018 में सिंगापुर में National Amateur Body-Builder's Association (NABBA) द्वारा आयोजित Universe Championship के लिए कठिन मेहनत कर रही हैं.

शर्मिला उन सभी लड़कियों और महिलाओं के लिए एक प्रेरणा हैं जिन्हें, लगता है कि एक उम्र के बाद शादी, बच्चे, घर और परिवार से बाहर की दुनिया उनके लिए नहीं है.

Source: HT