भारतीय मूल के कई लोग आज विश्व की बड़ी-बड़ी कंपनियां संभाल रहे हैं. चाहे वो सत्य नडेला हों या सुंदर पिचई. ये दो ऐसे नाम हैं, जिनसे शायद ही कोई भारतीय अनजान हो लेकिन देश के बेटे ही नहीं, कई बेटियां भी हैं, जो विश्व में अलग-अलग संस्थाओं और कंपनियों में ऊंचे-ऊंचे पदों पर हैं और अपना नाम रौशन कर रही हैं.

5 महिलाएं, जो विश्वस्तरीय संस्थाओं में उच्च पदों पर हैं/रह चुकी हैं:

1. गीता गोपीनाथ, IMF Chief

Source: Aaj Tak

गीता गोपीनाथ, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष(IMF) की चीफ़ हैं. 2019 में उन्होंने ये पद संभाला. इससे पहले वे हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में इंटरनेशनल स्टडीज़ ऑफ़ इकनॉमिक्स में प्रोफ़ेसर थीं. इस पद पर पहुंचने वाली गीता दूसरी भारतीय हैं. केरल राज्य सरकार ने उन्हें वित्तीय सलाहकार नियुक्त किया था.

2. इंदिरा नुई, पूर्व CEO, Pepsico

Source: Catch News

इंदिरा 2006 से 2018 तक Pepsico की CEO रहीं. वे Pepsico की पहली महिला CEO बनीं. नुई के दिशानिर्देश में इस कंपनी ने 80% से ज़्यादा मुनाफ़ा कमाया. हेल्दी पटेटो चीप्स और ड्रिंक्स का आइडिया इन्हीं का था. इंदिरा ICC की बोर्ड मेंबर भी रह चुकी हैं.

3. आशु सुयश, CEO, CRISIL

Source: Live Mint

2015 में आशु ने CRISIL के CEO के रूप में कार्यभार संभाला. CRISIL से जुड़ने से पहले वे, L&T Investment Management Limited की CEO थीं. कई पब्लिकेशन्स ने उन्हें टॉप बिज़नेसवुमन की सूची में शामिल किया था. आशु उस दौर में फ़ाइनेंस सेक्टर से जुड़ी, जब इस सेक्टर को पुरुषों का सेक्टर माना जाता था. 

4. अल्का बैनर्जी, Managing Director, Product Management at S&P Dow Jones Indices

Source: Verve Magazine

S&P Dow Jones Indices (S&P DJI) की पूरी दुनिया में सफ़लता का श्रेय अल्का को जाता है. 2013 से अल्का Asia Index Private Limited की CEO हैं. 2015 में The Economic Times ने 20 Most Influential Global Indian Women की सूची में शामिल किया था.

5. रश्मि सिन्हा, SlideShare

Source: Inc.com

SlideShare यूज़र्स को Web पर Presentations स्टोर और शेयर करने की सुविधा देता है. इन Presentations को कहीं से भी Access किया जा सकता है. रश्मि SlideShare की Co-Founder हैं. 2012 में Fortune ने उन्हें Most Powerful Women Entrepreneurs की सूची में 8वें नंबर पर रखा.

भारत में जन्मी ये स्त्रियां आज विश्वस्तर पर कमाल कर रही हैं. दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो कुछ भी असंभव नहीं.