प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इज़रायल पहुंच चुके हैं. वहां उनका इज़रायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने जिस गर्मजोशी से स्वागत किया, उसकी चर्चा हर तरफ़ है. भारत और इज़रायल के रिश्ते बहुत पुराने हैं. कयास लगाए जा रहे हैं कि वहां हमारे प्रधानमंत्री, इज़रायल के प्रधानमंत्री से Defence, Trade, Agriculture और Diplomacy जैसे कई मुद्दों पर बात कर सकते हैं.

हम आपको बता रहे हैं वो वजहें, जिनसे भारत और इज़रायल के रिश्ते की डोर बंधी हुई है.

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भारत में 7% हथियार इज़रायल से आते हैं

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हथियारों की ख़रीद-बिक्री के मामले में भारत और इज़रायल पुराने यार हैं. भारत और इज़रायल के बीच रक्षा संबंध की शुरुआत 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान इज़रायल के सहयोग के कारण हुई थी. 1999 में जब भारत के पास तोपों की कमी थी, तब इज़रायल ने भारत की मदद की थी.

भारत दुनिया का सबसे बड़ा हथियार आयात करने वाला देश है. International Peace Research Institute (Stockholm) के मुताबिक़, इज़रायल में बने हथियारों का लगभग 41% भारत ख़रीदता है. भारत के नज़रिए से देखें, तो भारत का 7% हथियार इज़रायल से आता है. पिछले 3 सालों में भारत और इज़रायल के बीच लगभग 10 Contract Sign हुए, जिनकी कुल क़ीमत लगभग 7605 करोड़ रुपये है.

कृषि में इज़रायल की मदद से बढ़ा है उत्पादन

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कृषि के क्षेत्र में भी इज़रायल भारत की मदद करता रहा है. भारत में खेती की कई नई तकनीक की मशीनें इज़रायल से आती हैं. नई तकनीक के मशीनों और यंत्रों का हरियाणा और महाराष्ट्र में खेती से जुड़ें कामों में काफ़ी इस्तेमाल होता है. इज़रायल के तकनीकी सहयोग के बाद से देश में कृषि क्षेत्र में 5 से 10 फ़ीसदी तक उत्पादन बढ़ा है. साल 2018 तक भारत में कृषि को और बेहतर बनाने के लिए 26 कृषि संस्थानों को बनाने का प्रस्ताव है, इनमें से 15 कृषि संस्थानों को बनाने में इज़रायल भारत की मदद करेगा.

Water Management में इज़राइल करेगा भारत की मदद

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पिछले कुछ समय से भारत के कई इलाक़े पानी की कमी से जूझ रहे हैं. इससे इन क्षेत्रों में रहने वाले लोग और खेती दोनों प्रभावित होते हैं. इज़रायल दुनियाभर में अपने Water Management System के लिए जाना जाता है. वहां पानी के स्त्रोत बहुत कम हैं, इसके बावजूद इज़रायल अपनी ज़रूरतें पूरी कर लेता है. ऐसे में इज़रायल बेहतर तकनीक और मैनेजमेंट के माध्यम से पानी के संरक्षण के लिए भी भारत की मदद करता है.

इज़रायल-भारत के बीच सबसे ज़्यादा होता है हीरों का व्यापार

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साल 2016-17 में भारत और इज़रायल के बीच 5 अरब डालर का व्यापार था. भारत इज़रायल को 1 अरब डालर से ज़्यादा मूल्य के खनिज ईंधन और तेल निर्यात करता है. वहीं भारत इज़रायल से लगभग 1.11 अरब डालर के क़ीमती पत्थर और मोती आयात करता है. भारत और इज़रायल के बीच सबसे ज़्यादा हीरों का व्यापार होता है, जो कुल व्यापार का लगभग 54% है.

मोदी से पहले भी इज़रायल गए हैं भारतीय राजनेता

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नरेंद्र मोदी पहले प्रधानमंत्री हैं, जो इज़रायल की यात्रा पर गए हैं. उनके पहले कई भारतीय नेता इज़रायल यात्रा पर जा चुके हैं. साल 2000 में तत्कालीन गृहमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी, 2008 में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, 2014 में राजनाथ सिंह और 2015 में सुषमा स्वराज ने भी इज़रायल यात्रा की थी.

इज़रायल से हमारे रिश्ते इसीलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इज़रायल भारत को मिसाइल और कई तरह के आधुनिक हथियार देता है. इसके अलावा कृषि और तकनीक के क्षेत्र में भी इज़रायल की मदद महत्वपूर्ण है.

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