पीएम मोदी के नोटबंदी के ऐतिहासिक फैसले ने पूरे देश में हलचल मचा दी थी. इस फैसले के दो महीने होने को है, मगर हालत में कोई सुधार देखने को नहीं मिला है. देश भर के 1-2 प्रतिशत एटीएम को छोड़ दिया जाए, तो सभी एटीएम की स्थिति ख़राब है. वे एटीएम या तो बंद हैं या फिर उनकी मशीन ख़राब है. इसके बावजूद सरकार लोगों को भरोसा दिला रही है कि स्थिति सही है. आइए पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं.

इस मामले को सुलझाने के लिए बैंक अपने ग्राहकों को ख़ुद कैश देने की बात कह रहा है. देश के सभी बैंक ग्राहकों को एटीएम के बजाए अपनी सभी शाखाओं से पैसे देना चाहता है

एटीएम संघ के अनुसार, देश भर के 2.2 लाख ATMs में निरंतर पैसे डाले जा रहे हैं. सभी बैंकों में भारतीय स्टेट बैंक ही एक ऐसा बैंक है, जो अपने ATMs में लगातार पैसे डाल रहा है. वे अपने सभी शाखाओं में पैसे की उपलब्धता भी करवा रहा है.

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नवरोज़ दस्तुर दिल्ली एनसीआर के सभी एटीएम में पैसे डालने की निगारानी करते हैं, वे Times of India को बताते हैं कि पहले दिन में 7-8 लाख रुपये डाले जाते थे. हालांकि, अब 2-3 लाख रुपये ही डाले जा रहे हैं.

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रिज़र्व बैंक के नए नियम के अनुसार, 1 जनवरी 2017 से कोई भी व्यक्ति एक दिन में 4,500 रुपये निकाल सकता है. लेकिन सबसे अहम सवाल है कि एटीएम में पैसे ही नहीं है, तो नियम बनाने का क्या फायदा?

सरकार को सुझाव के रूप में बस यही दिया जा सकता है कि देश के सभी ATMs में पैसे की उपलब्धता करवाए, ताकि भीड़ कम हो जाए.