एक बार फिर राजधानी दिल्ली के स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़ा हो गया है. हाल ही में देश के जाने-माने रेयान इंटरनेशनल स्कूल में 7 साल के बच्चे की बेहरमी से हत्या के बाद, दक्षिणी दिल्ली के एक प्राइवेट स्कूल में 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म का मामला सामने आया है. घटना को अंजाम देने वाला शख़्स कोई बाहरी व्यक्ति, नहीं बल्कि स्कूल का सफ़ाई कर्मचारी है.

घटना बीते बुधवार की है. कक्षा एक में पढ़ने वाली 6 साल की बच्ची वॉशरूमगई हुई थी, तभी हालातों का फ़ायदा उठाते हुए स्कूल के सफ़ाई कर्मचारी ने बच्ची का रेप किया. पीड़ित बच्ची के पिता का कहना है कि जब बच्ची 2.30 बजे स्कूल से घर पहुंची, तो उसने रोते-रोते अपनी मां को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद स्कूल पहुंच कर उन्होंने बच्ची के साथ हुई वारदात की बात स्कूल की प्रिंसिपल को बताई.

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बच्ची के पिता ने ये भी बताया किवॉशरूम के बाहर लड़कियों की मदद के लिए नियुक्त की गई महिला कर्मी घटना के वक़्त वहां मौजूद नहीं थी. बच्ची ने हेल्प के लिए महिला को आवाज़ लगाई, लेकिन उस वक़्त वो वहां नहीं थी और मौका देख कर आरोपी ने टॉयलेट के अंदर बच्ची का यौन शोषण किया. वहीं पीड़ित बच्ची का एम्स इलाज चल रहा है. डॉक्टरों के मुताबिक, हादसे से बच्ची को काफ़ी बड़ा धक्का लगा है और वो सदमे में है, इसके साथ ही उसे आंतरिक चोटें भी आई हैं, जिसके चलते उसकी सर्जरी करनी पड़ेगी.

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आरोपी को 15 दिन पहले ही नौकरी पर रखा गया था. पिछले साल दिल्ली पुलिस ने ही आरोपी का वेरिफ़िकेशन कर, उसे प्रमाण पत्र जारी किया था. बता दें कि प्रद्युमन हत्याकांड के बाद दिल्ली पुलिस ने दिल्ली के सभी स्कूलों में काम करने वाले कर्मचारियों के चरित्र का वेरीफ़िकेशन और स्कूलों की पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था का वादा किया था, लेकिन इस ताज़ा घटना ने सरकारी दावों की सारी हक़ीकत उजागर कर दी है.

बीते गुरुवार को Sub-Divisional Magistrate ने स्कूल का दौरा कर स्कूल मैनेजमेंट को एक नोटिस भी जारी किया है. वहीं शुक्रवार, यानि आज बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम भी स्कूल पहुंच कर वहां का जायजा लेगी. साउथ दिल्ली के Additional Deputy Commissioner चिन्मय बिस्वाल ने बताया कि आरोपी गोविंदपुरी का रहना वाला है.

दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री ने घटना का ज़िक्र अपने वेबपेज पर किया है, साथ ही न्यायिक जांच के आदेश भी दिए हैं. फ़िलहाल प्रिंलिपल की शिकायत पर 22 साल के आरोपी शख़्स को गिरफ़्तार कर लिया गया है, साथ ही उसका कहना है कि वो टॉयलेट में बच्ची की मदद के लिए गया था.

इस घटना के बाद फिर वही सवाल खड़ा होता है कि क्या मोटी फ़ीस देने के बाद भी प्राइवेट स्कूल में हमारे बच्चे सुरक्षित हैं?

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