गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में पिछले पांच दिनों में 63 बच्चों की मौत हो गई है. इनमें से कई नवजात शिशु भी हैं.

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बताया जा रहा है कि ये मौतें अस्पताल में लिक्विड ऑक्सिजन की कमी की वजह से हुई हैं. ये अस्पताल प्रशासन की बड़ी लापरवाही का ही नतीजा है कि इतने बच्चों की जान चली गई.

हालांकि, प्रशासन ने इस बात से इंकार किया है कि ये मौतें अस्पताल में ऑक्सिजन की कमी की वजह से हुई हैं. अस्पताल वालों का कहना है कि उनके पास पर्याप्त ऑक्सिजन सिलेंडर हैं. अस्पताल प्रशासन के अलावा उत्तर प्रदेश सरकार ने भी इन मौतों का ऑक्सिजन की कमी की वजह से होने से इंकार किया है.

उधर, गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गृह जनपद का होने से मामले ने राजनीतिक तूल लेना भी शुरु कर दिया है.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बीआरडी मेडिकल कॉलेज में जो कंपनी ऑक्सीजन की सप्लाई करती थी, उसपर अस्पताल का लगभग 63 लाख रुपए का बकाया था, जिसकी वजह से कंपनी ने अस्पताल को ऑक्सीजन की सप्लाई बंद कर दी थी.

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अस्पताल में लिक्विड ऑक्सीजन की कमी की सूचना चिट्ठी के द्वारा अस्पताल प्रशासन, ज़िले के डीएम और उत्तर प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक को भी दी गई थी.

NDTV की ख़बर के अनुसार, अस्पताल को लिक्विड ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी पुष्पा एंड सेल्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक और उसके रिश्तेदारों के घर छापा मारा जा रहा है. कंपनी का मालिक मनीष भंडारी फ़रार है.

इधर, मेडिकल कॉलेज परिसर में कई संगठन और राजनीतिक दलों ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है. हालात को देखते हुए ज़िला प्रशासन ने में अस्पताल में पुलिस बल को तैनात कर दिया है.

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