तमिलनाडु के अंबुर इलाके के पुलिस स्टेशन में एक 7 साल की बच्ची ने अपने पिता के खिलाफ़ धोखाधड़ी की शिकायत की है. 7 साल की इस बच्ची का कहना है कि उसके पिता ने 2 साल पहले टॉयलेट बनाने का वादा किया था, लेकिन अभी तक उन्होंने इसे पूरा नहीं किया है.

इस बच्ची का नाम ई. हनीफा ज़ारा है. वो दूसरी क्लास में पढ़ती है. बच्ची की मां ने टाइम्स ऑफ़ इंडिया को बताया- 'हनीफ़ा स्कूल से आने के बाद थाने जाने की ज़िद करने लगी. उसने टॉयलेट न बनने पर पिछले कुछ दिनों से खाना भी छोड़ दिया था. मैंने उसे उसके पिता की आर्थिक हालत के बारे में ख़ूब समझाया, लेकिन वो नहीं मानी.'

Source: thenewsminute

हनीफ़ा अंबुर के महिला पुलिस थाने में अपने सभी मेडल्स और सर्टिफ़ीकेट्स के साथ पहुंची थी. उसने कॉन्स्टेबल को बताया कि, जब वो एलकेजी में पढ़ती थी, तब उसके पापा ने कहा था कि अगर वो क्लास में फ़र्स्ट आएगी, तो उसे टॉयलेट बनवा कर देंगे. वो पिछले 2 साल से क्लास में टॉप कर रही है, लेकिन अभी तक उसके पिता ने अपना वादा पूरा नहीं किया.

हनीफ़ा ने कहा, अब मैं बड़ी हो रही हूं और मुझे बाहर शौच के लिए जाने में शर्म आती है. इसलिए मैं चाहती हूं कि मेरे पिता अपना वादा पूरा करें.
Source: Pinterest

बच्ची की शिकायत सुनने के बाद सब-इंस्पेक्टर A. Valarmathi ने तुरंत एक्शन लिया और इलाके के सैनेटरी ऑफ़िसर को कॉल कर जल्द से जल्द हनीफ़ा के परिवार की मदद करने को कहा. हनीफ़ा के पिता को जब पुलिस स्टेशन से कॉल आया, तो वो परेशान हो गए. 

थाने में पहुंचे तो वहां अपनी बेटी और पत्नी को बैठा देख उन्हें हैरानी हुई. पुलिस अधिकारियों ने उन्हें पूरे मामले से अवगत कराया. हनीफ़ा के पिता ने अपनी मजबूरी के बारे में बताते हुए पुलिस अधिकारियों से कहा कि वो रामेश्वरम के एक कैंटीन में काम करते थे लेकिन उनकी नौकरी छूट गई. अगर उनके पास पैसे होते, तो वो अपनी बेटी के लिए टॉयलेट ज़रूर बनवाते.

Source: BetterIndia

परिवार की समस्या को समझते हुए अधिकारी उनकी मदद करने को तैयार हो गए हैं. उन्होंने जल्द से जल्द हनीफ़ा के घर टॉयलेट बनवाने की बात भी कही है. उनके आश्वासन के बाद ही हनीफ़ा अपने परिवार के साथ घर जाने को तैयार हुई. 

इस ख़बर में ताज़ा अपडेट ये मिली है कि हनीफ़ा को अंबुर नगरपालिका ने अपने स्वच्छ भारत मिशन का ब्रैंड एंबेसडर बनाया है.