साल के आखिरी महीने दिसम्बर में उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एक दिल दहलाने वाली घटना हुई. इस घटना में गोकशी की अफ़वाह के चलते आक्रामक भीड़ और पुलिस की भिड़ंत हुई. इस मारपीट में बुलंदशहर के स्याना कोतवाली के महाव गांव में भीड़ ने इंस्पेक्टर सुबोध सिंह समेत दो लोगों को मौत के घाट उतार दिया. कथित तौर पर ये हिंसा पास के एक खेत में मिले किसी जानवर के अंगों को गोकशी का रूप देने की वजह से भड़की थी. हालांकि, अभी तक इस बात की किसी की ओर से कोई पुष्टि नहीं की गई है.

एक ओर जहां घटना के 5 दिन बाद भी इससे जुड़ी रिपोर्ट्स और अपडेट्स मीडिया की सुर्ख़ियों में हैं. वहीं सोशल मीडिया पर भी लोग इस घटना पर अपनी-अपनी राय दे रहे हैं. भीड़ और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प में एक इंस्पेक्टर की मौत हो गई, लेकिन इसकी जांच में प्रशासन और पुलिस का ढीला रवैया लोगों में रोष पैदा कर रहा है. प्रशासन का रवैया देखकर ऐसा लग रहा है, जैसे गाय के मांस या अंगों (जिसकी अभी पुष्टि भी नहीं हुई है) के मिलने वाली अफ़वाह के आगे एक इंसान की जान की कोई कीमत नहीं है.

शायद यही वजह है कि बुलंदशहर हिंसा पर यूपी प्रशासन और पुलिस के निराशाजनक रवैये पर देश के बड़े-बड़े कार्टूनिस्ट्स ने अपने कार्टून्स के ज़रिये तीखे व्यंग किये हैं.

Mid-day में प्रकाशित होने वाले कॉलम 'Mumbai Meri Jaan' के कार्टूनिस्ट मंजुल ने इस कार्टून के ज़रिये सटीक तंज कसा है.

BBC हिंदी ने भी अपने कार्टून्स के ज़रिये यूपी सरकार का दोगला चेहरा दिखाया है.

Talented India ने अपने इस कार्टून में एक जटिल सोच की पेशकश की है.

Shaunak Samvatsar का ये कार्टून घटना को हू-ब-हू पेश कर रहा है.

कीर्तिश भट्ट ने इस कार्टून के माध्यम से प्रशासन पर तीखा वार किया है.

Nala Ponappa ने बिना बोले बहुत कुछ बोल दिया है.

इस कार्टून को शब्दों की ज़रूरत नहीं.

ये कार्टून्स अपने आप में बहुत कुछ कह भी रहे हैं और बहुत कुछ पूछ भी रहे हैं, आपको समझना है कि वो क्या है?

Feature Image Source: newslaundry

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