कल 5 मई, 2017 को भारत के सर्वोच्च न्ययालय ने निर्भया गैंगरेप केस पर अपना फैसला सुनाते हुए न्याय की साख और जनता का विश्वास बचा लिया. 16 दिसंबर, 2012 के इस केस में 6 आरोपी पकड़े गए थे, जिसमें से एक नाबालिक होते हुए नवंबर 2015 में छूट गया और एक ने 2013 में आत्महत्या कर ली थी. बचे 4 अपरा​धियों को फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में फ़ांसी की सज़ा सुनाई गई थी, जिसे बाद में दिल्ली हाई कोर्ट ने भी बरकरार रखा था. ये आरोपी है मुकेश (27), पवन (20), विनय (21) और अक्षय (29).

कल सुप्रीम कोर्ट ने इस सज़ा को बरकरार रखने का फ़ैसला सुनाया. कोर्ट द्वारा फैसले में कहा गया है कि '23 वर्षीय पैरामेडिकल छात्रा के लिए वो बहुत बुरा वक़्त था. अपराधियों के गुनाह को ध्यान में रखते हुए इस फैसले को बरकरार रखा जाएगा. ये फ़ैसला सुप्रीम कोर्ट की बेंच के तीन जज, जस्टिस दीपक मिश्रा, आर. बानुमथी और अशोक भूषण द्वारा लिया गया है. इसी के साथ बेंच ने कड़े शब्दों में अपने फ़ैसले को उचित सिद्ध कर दिया.

Source- Reuters