उसका मासूम चेहरा देख खुद मासूमियत भी घुटने टेक दे. उसकी मासूम सी मुस्कुराहट ऐसी थी कि लोगों के चेहरे पर खुशी छा जाती थी. वो मासूम थी, मगर कमज़ोर नहीं. उसे कराटे का शौक था और वह कराटे की शैली में जबरदस्त निपुण भी थी. मगर न जाने किस्मत को क्या मंज़ूर था. कराटे के दौरान ही अचानक मासूम गज़ल के साथ पता नहीं क्या हुआ कि वो रहस्यमयी तरीके से सीधे काल के गाल में समा गई.

मंगलवार को ग्रेटर नोएडा निवासी लाल चंद यादव काम पर थे. अचानक उन्हें एक फ़ोन आया. फ़ोन उनकी 7 साल की बेटी गज़ल के स्कूल से था. टीचर ने पिता लाल चंद को बताया कि गज़ल के सिर में दर्द है इसलिए इसे घर ले जाइये. आधे घंटे बाद फिर एक फ़ोन आया. पिता को बताया गया कि बेटी गज़ल के नाक से खून निकल रहा है और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा है, आप भी वहीं पहुंच जाइये.

जैसे ही लाल चंद अस्पताल पहुंचते हैं, डॉक्टर्स उन्हें ये सूचना देते हैं कि उनकी मासूम बेटी अब इस दुनिया में नहीं रही. इसके बाद तो सदमें से लाल चंद की हालत ऐसी हो गई, जैसे उन्हें किसी सांप ने सूंघ लिया.

The Hindu में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, गज़ल ग्रेटर नोएडा स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल में पढ़ती थी. स्कूल में पहले मृतक गज़ल को सिर दर्द हुआ और उसके बाद उसकी नाक से खून निकलने लगा. इलाज के लिए उसे अस्पताल ले जाया ही जा रहा था, इसी बीच उसकी मौत हो गई.

गज़ल के माता-पिता का आरोप है कि उनकी बेटी स्कूल में कराटे के प्रशिक्षण सत्र के दौरान घायल हो गयी थी और स्कूल के पास उसके तुंरत इलाज के लिए न तो किसी तरह की चिकित्सा व्यवस्था थी और न ही कोई सुविधा.

स्कूल के इस दावे का गज़ल के अंकल शंकर यादव ने खंडन किया है, जिसमें स्कूल ने ये कहा है कि गज़ल की तबीयत खराब होने के बारे में सबसे पहले उसके पिता को फ़ोन पर बताया गया था.

ScoopWhoop News को आए एक इमेल के मुताबिक, यादव ने कहा कि स्कूल ने सबसे पहली कॉल गज़ल की मां को की, जो कि एक हाउस वाइफ़ हैं. पहले कॉल में स्कूल ने कहा कि गज़ल के सिर में दर्द है. इसलिए या तो आप इसे स्कूल से ले जाएं या फिर हम उसे घर ड्रॉप कर देंगे.
यादव ने मेल में लिखा है- 10 मिनट बाद उसकी मां ने दूसरा कॉल रिसीव किया और स्कूल की तरफ़ से कहा गया कि गज़ल सिर दर्द से गंभीर तरीके से कराह रही है और उसे हम लोग अस्पताल ले जा रहे हैं. आप भी वहीं पहुंच जाइये. इसके बाद मृतक के पिता दस मिनट में बेटी की खैरियत जानने के लिए अस्पताल पहुंच गये. मगर पहुंचते ही डॉक्टर ने ये सूचना दी कि उनकी बेटी मर गई है. स्कूल प्रशासन का कहना है कि अस्पताल ले जाते समय रास्ते में एंबुलेंस में उस बच्ची की नाक से खून निकलने लगा था.

यादव ने ये भी कहा है कि स्कूल ने इस मामले पर कोई FIR दर्ज नहीं किया और स्कूल ने पिता से एक आवेदन पत्र पर पहले ही हस्ताक्षर करवा लिये थे कि वे अपनी बेटी के शव का पोस्टमार्ट नहीं कराना चाहते हैं.

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उन्होंने ये भी आरोप लगाया है कि गज़ल की तबीयत जब इतनी ही ज़्यादा खराब थी, तो उसे इतने दूर के अस्पताल में क्यों ले जाया गया.

परिजन अभी भी मृतक गज़ल की मौत का कारण जानना चाह रहे हैं. वे स्कूल प्रशासन से भी मिलना चाहते हैं. हालांकि, इस मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है और परिजनों को न्याय का आश्वासन भी दिया है. पुलिस स्कूल में लगे सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाल रही है.
Times of India के मुताबिक, स्कूल के टीचर ने कहा कि गज़ल कराटे की यूनिफॉर्म में थी और वह कराटे सत्र के दौरान प्रैक्टिस नहीं कर रही थी. इसके अलावा स्कूल प्रशासन की तरफ से इस घटना पर अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया गया है. इस घटना के बाद स्कूल को बंद कर दिया गया है.

गौरतलब है कि पिछले साल भी साउथ दिल्ली के Ryan International School में 6 साल की मौसूम की मौत भी संदिग्ध तरीके से पानी की टंकी में गिरने से हो गई थी.