अबे ख़ामोश!
ये शायद इकलौता ऐसा डायलॉग होगा, जिससे मुंबई की रानी RJ मलिश्का का कोई लेना-देना नहीं... क्योंकि मलिश्का चुप बैठने वालों में से नहीं है यार!

मुंबई में इस साल की बारिश शुरू हो गयी है और अख़बारों से ले कर न्यूज़ चैनल्स, हर जगह हर दिन किसी न किसी हादसे की ख़बर आ ही जाती है. कहीं पुल गिर जाता है, तो कहीं लोग गड्ढों में गिर जाते हैं. शहर के इसी गिरते-पड़ते माहौल पर मलिश्का ने उठा दी है आवाज़.

मुंबई सरकार और अधिकारीयों की आलोचना करते हुए मलिश्का ने सैराट फ़िल्म के ज़िन्गाट गाने का स्पूफ़ बना डाला. जितनी तेज़ी से बारिश हो रही है, उतनी ही तेज़ी से ये गाना भी वायरल हो रहा है.

लेकिन ये पहली बार नहीं है. ऐसे 8 और मौके आये हैं, जब मलिश्का को अपनी दिल की बात कहने से कोई नहीं रोक पाया है.

1) ज़िन्गाट की पैरोडी 'मुंबई खड्ड्यात', बारिश से हो रही परेशानियां झेल रहे मुंबईकरों की तरफ़ से BMC पर सीधा-सीधा वार है.

2) पहला हमला तो पिछले साल हुआ था इस 'मुंबई तुला - सोनू' गाने से.

BMC को ये बात और गाना, दोनों ही हज़म नहीं हुए और उसने मलिश्का के घर डेंगू-मलेरिया के मच्छरों की जांच करके नोटिस तक भेज डाला.

3) आलोचकों की बोलती बंद कराने के लिए, उनसे ही कह डाला, 'मलिश्का को मत सुन'

4) जब इस TED Talk में समझाया कि किन चीज़ों पर ध्यान देना चाहिए, किन चीज़ों पर नहीं, इसका सोच-समझ कर चयन करना कितना ज़रूरी है!

5) जब मुंबइया स्टाइल में 'जिमिक्की कम्माल' का पैरोडी बनाया.

6) समलैंगिक संबंधों का अपराधीकरण करने वाले Section 377 पर अपनी बात रखी.

7) जब उनके गाने, समुद्री तटों पर प्लास्टिक और कचरे जैसे मुंबई के गंभीर मुद्दों के लिए आवाज़ बनने लगे.

8) जब उन्होंने बताया कैसे सिर्फ़ 13 साल की उम्र में अपने पिताजी को खोना, उनकी ज़िंदगी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट था.

मुंबई की रानी कौन?.... मलिश्का!