हाल ही में आयरलैंड में 84 साल का एक बुज़ुर्ग व्यक्ति जब बार-बार गिरने और लड़खड़ाने की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचा तो डॉक्टरों को लगा कि शायद ये सब अधिक उम्र के कारण हो रहा होगा. इस बुज़ुर्ग व्यक्ति ने डॉक्टरों को बताया कि वो काफ़ी समय से अपने बाएं हाथ और पैर में कमज़ोरी महसूस कर रहे हैं. जो उनको हाल ही में आये स्ट्रोक के कारण भी हो सकता है. इसके बाद डॉक्टर उन्हें टेस्ट कराने के लिए इमर्जेन्सी रूम में ले गए. लेकिन रिपोर्ट के बाद डॉक्टरों के हाथ ऐसा कुछ भी नहीं लगा.

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बीएमजे केस रिपोर्ट के मुताबिक़, कमज़ोरी और लड़खड़ाने के अलावा ये बुज़ुर्ग व्यक्ति शारीरिक रूप से फ़िट नज़र आ रहे थे. वो न तो परेशान लग रहे थे, न ही उन्हें देखने और बोलने में कोई दिक्क़त आ रही थी. उन्हें देखकर ये भी नहीं लग रहा था कि उन्हें हाल ही में स्ट्रोक आया हो. वो धूम्रपान का सेवन भी नहीं करते थे, बस कभी-कभार शराब पी लेते हैं. वो पूरी तरह से फ़िट लग रहे थे और अपनी पत्नी व दो बेटों के साथ ख़ुशी-ख़ुशी रह रहे हैं. वहीं ब्लड टेस्ट रिपोर्ट में भी ऐसा ही कुछ सामने आया कि 84 साल की उम्र में भी वो पूरी तरह से फ़िट हैं.

लेकिन जब सीटी स्कैन और एमआरआई कराया गया तो पता चला कि उनके सिर के एक भाग में कुछ जगह खाली है. लेकिन वो जगह पूरी तरह से खाली भी नहीं थी, ऐसा लग रहा था कोई बड़ा सा गुब्बारा हवा में उड़ रहा है. स्कैन के बाद ही डॉक्टरों को सही से पता चला कि उनके मस्तिष्क का एक बड़ा हिस्सा गायब है. करीब 9 सेमी की जेब के आकार की ये खाली जगह हवा के दबाव का काम कर रही थी, जिसे डॉक्टरों ने Pneumatocoele नाम दिया.

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क़रीब से देखने पर डॉक्टरों को इस समस्या की असली वजह का पता चला कि उनके सायनस में Benign Bone Tumor है, जिसने उनके सिर तक के लिए एक छोटा सा रास्ता बनाया हुआ है. इससे पहले भी इस तरह के कई मामले सामने आये हैं, जिनमें ये पता चला है कि ट्यूमर, हवा को दिमाग में एक One-Way Valve की तरह धकेल रहा है. इसी की वजह से हर महीने इनकी हालत धीरे-धीरे ख़राब हो रही थी. ये जब भी खांसते या छींकते थे, तो उनके दिमाग़ में थोड़ी-थोड़ी हवा का प्रवाह होता था.

कुछ दुर्लभ मामलों में ही इस प्रकार के Brain Air Pockets की वजह से स्ट्रोक की समस्या उत्पन्न होती है. इसी वजह से उनके शरीर के बाएं भाग में कमज़ोरी की समस्या बनी रहती थी. हालांकि, ऑपरेशन से उनके इस ट्यूमर को ठीक करने और छेद को बंद करने में काफ़ी ख़तरा था, लेकिन उन्होंने इसके लिए हामी भर दी और 12 हफ़्ते के बाद वो ठीक हो गए और उनके शरीर के बाएं भाग की कमजोरी भी ठीक हो गई।

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जबकि उत्तरी आयरलैंड मेडिकल और डेंटल ट्रेनिंग एजेंसी के चिकित्सक फिनले ब्राउन और इस रिपोर्ट के मुख्य लेखक का कहना है कि डॉक्टर हैरान थे, क्योंकि मस्तिष्क के पास इस तरह के Air Pockets आमतौर पर उन लोगों में देखे जाते हैं, जिनकी Brain Surgery हुई हो. जबकि इस 84 साल के बुज़ुर्ग के साथ ऐसा कुछ भी नहीं हुआ था.

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