'ठुल्ला', 'मामा', 'ससुरालवाले' जैसे न जाने कितने नाम लोगों ने दिए हैं पुलिसवालों को. इन्हें हमेशा शक की निगाहों से देखा जाता है. इनमें वो लोग भी पिस जाते हैं, जो ईमानदारी से अपनी सर्विस करते हैं और हमारे लिए बारिश, धूप, सर्दी-गर्मी सहते हैं. ऐसे ही लोगों को सलाम किया है एक स्टोरी टेलर ने. इनका ये किस्सा हर किसी को सुनना चाहिए.

Tape A Tale नाम के एक यूट्यूब चैनल पर मोहम्मद सदरीवाला एक ईमानदार पुलिस ऑफ़िसर की कहानी बयां करते दिख रहे हैं. ये कहानी है मशहूर एनकाउंटर स्पेशलिस्ट विजय सालस्कर की. सदरीवाला को बचपन में एनकाउंटर स्पेशलिस्ट्स के नाम याद रखने का शौक था. यहां सदरीवाला जो किस्सा बता रहे हैं, वो उनका पर्सनल एक्सपीरियंस हैं.

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ये किस्सा है मुंबई के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट विजय सालस्कर से अचानक मिलने का. विजय सालस्कर मुंबई पुलिस के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट स्क्वाड में शामिल थे. उनके नाम 61 एनकाउंटर का रिकॉर्ड है. अंडरवर्ल्ड का सफ़ाया करने में इनका बहुत बड़ा योगदान था. इन्होंने ही गैंगस्टर अरुण गावली के गैंग का सफ़ाया किया था. 26/11 के हमले के दौरान वो आतंकियों से लड़ते हुए शहीद हो गए थे.

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सदरीवाला के अब्बा अकसर उन्हें कहते थे कि हम जो ख़ुश हैं, वो किसी ईमानदार पुलिस वाले की वजह से. हम जो महफू़ज़ हैं वो किसी सिपाही के तिरंगे की ख़ातिर कु़र्बान होने के कारण. सदरीवाला को सालस्कर में ऐसे ही एक ईमादार पुलिस वाले की झलक दिखाई दी थी.

26/11 को हुए मुंबई अटैक की ख़बर सभी टीवी चैनल्स पर छाई थी. इन्हींं में से एक ख़बर ये थी कि इस आतंकी हमले में सालस्कर भी शहीद हो गए. ये न्यूज़ सुनकर सदरीवाला की आंखें नम हो गई और दिल भर आया. उन्हें इस बात का ग़म था कि उनकी रक्षा करने वाला, उन्हें महफ़ूज़ रखने वाला एक नेक पुलिस वाला शहीद हो गया.

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इस मार्मिक कहानी को सदरीवाला ने बड़ी ही सहजता से लोगों तक पहुंचाया है. पूरी कहानी आप यहां सुन सकते हैं: