ग्लोबल आतंकवाद के खतरे अब विकसित देशों में बढ़े हैं. ब्रिटेन में हाल ही में हुआ मैनचेस्टर हमला इस बात की बानगी है, लेकिन इस हमले के चंद दिनों बाद आतंकवाद पर आई "Talking about terrorism" किताब अनचाहे कारणों से सुर्खियां बटोर रही है.

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ये किताब मैनचेस्टर एरिना हमले से पहले प्रकाशित हुई थी. डेली एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, ये किताब प्राइमरी के बच्चों को बताती है कि आतंकवादी इसीलिए लोगों की हत्या कर देते हैं, क्योंकि इन लोगों के साथ अन्याय और गलत व्यवहार होता है. ऐसे नकारात्मक व्यवहार के कारण ही ये लोग आतंकवादी बन जाते हैं और कई गंभीर अपराधों को अंजाम देते हैं.

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इस किताब में शिक्षकों से क्लास में एक एक्टिविटी कराने को कहा गया है, जिसमें शिक्षक 7 से 11 साल के बच्चों को किसी आतंकवादी को एक लेटर लिखने को कहते हैं. इस पत्र में बच्चों से पूछा जाता है कि अगर आतंकवादी से 6 सवाल पूछने हों, तो वो सवाल क्या होंगे?

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ब्रिलियंट पब्लिकेशंस द्वारा प्रकाशित "Talking about terrorism" किताब की प्रस्तावना, ब्रिटेन में बाल संरक्षण के लिए काम करने वाली एक संस्था, The National Society For The Prevention Of Cruelty To Children मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पीटर वानलेस ने दी है. आलोचक इस किताब को संभावित ख़तरा बता रहे हैं. कैम्पेन फॉर रीयल एजुकेशन के चेयरमैन क्रिस मैकगॉवर्न का कहना है कि ये लेटर बच्चों को भ्रमित और परेशान करने वाला है.

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रिपोर्ट के अनुसार, इस किताब में मौजूद ये एक क्रूर विचार है, जो बच्चों को धार्मिक कट्टरपंथियों का सम्मान करने की बात करती है. रिपोर्ट का कहना है कि ये किताब आतंकवादियों के इरादों को समझाने के बजाय, हत्यारों के लिए सहानुभूति ज़्यादा दिखाती है.

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