कुछ हफ़्ते पहले पूर्वी दिल्ली के शाहदरा इलाके में पांच लुटेरे एक कपड़ा व्यापारी से उसका बैग छीनकर फ़रार हो गए थे. लुटेरों को कहीं से सूचना मिली थी कि व्यापारी 25 से 30 लाख रुपयों से भरा बैग लेकर घर जा रहा है. मोटर साइकिल सवार लुटेरों ने व्यापारी की आंखों में मिर्च पाउडर फेंकने के बाद उसका बैग लेकर फ़रार हो गए.

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बैग लूटने के बाद जब लुटेरों ने अपने ठिकाने पर पहुंचकर बैग खोला, तो उनके होश उड़ गए. दरअसल, बैग में 25 लाख के बजाए सिर्फ़ 5 रुपये का सिक्का मिला. 5 लाख का सपना देख रहे लुटेरों के हिस्से एक-एक रुपया ही आया.

इस घटना के बाद व्यापारी ने शाहदरा थाने में रिपोर्ट लिखवाई थी. जिस पर कार्यवाई करते हुए पुलिस ने बीते बुधवार को पांच में से दो लुटेरों को गिरफ़्तार कर लिया है. और शाहदरा पुलिस की स्पेशल टीम ने बाकी बचे तीनों की भी पहचान कर ली. पूछताछ में पता चला कि इसका असली मास्टरमाइंड इफ़्तेकार ख़ालिद है.

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दरअसल, शाहदरा निवासी ये व्यापारी फ़ोम और जैकेट सामग्री बनाने वाली एक फ़ैक्ट्री चलाता है. कथित मास्टरमाइंड ख़ालिद भी मौजपुर में ही जैकेट बनाने की एक छोटी सी यूनिट चलाता है और व्यवसायी का नियमित ग्राहक भी है.

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शाहदरा पुलिस उपायुक्त मेघाना यादव के मुताबिक़, ख़ालिद ने पूछ्ताछ में बताया कि पड़ोसी होने के नाते वो जानता था कि व्यापारी हर दिन घर लौटते वक़्त अपने साथ लाखों रुपये की नकदी ले जाता है. वो अक्सर उसके लेन-देन की पर्चियों को भी देखा करता था. इसी को देखकर उसने लूट की योजना बनाई थी.

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26 मई को ख़ालिद ने अपने चार साथियों के साथ इस लूट को अंजाम देने का प्लान बनाया और हर साथी के हिस्से में 5 लाख रुपये आने की बात कही. योजना के मुताबिक़, ख़ालिद व्यवसायी को घर जाते वक़्त अपनी बातों में फंसाकर रखेगा ताकि वो देर से घर पहुंचे. बाकी चार साथी पीछे से आकर पैसों से भरा बैग लेकर फ़रार हो जायेंगे. हुआ भी वही जो वो चाहते थे, लुटेरे आये और व्यापारी से बैग छीनकर फ़रार हो गए.

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व्यवसायी ने के मुताबिक़ 'जब मैं रात 9.35 बजे के करीब फ़ैक्ट्री से निकलकर घर से कुछ दूरी पर था, तो तीन मोटर साइकिल सवार लुटेरों ने मेरा स्कूटर रोककर मेरी आंखों में मिर्च पाउडर फ़ेंक दिया और मेरा बैग छीनकर भाग गए. बैग में पैसे तो नहीं थे, लेकिन लेन-देन की महत्वपूर्ण रसीद और टिफ़िन रखा हुआ था.'

मज़े की बात तो ये है कि 25 लाख रुपये समझ कर की गई लूट में चोरों के हाथ केवल 5 रुपये का एक सिक्का ही आया और अब जेल हुई सो अलग.

वो कहते हैं न कि हर कर्म का फल यहीं मिलता है, सो इनको भी मिल गया.

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