पिछले कुछ समय से केंद्र सरकार आधार कार्ड को एक अहम दस्तावेज़ बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है. मुफ़्त रसोई गैस कनेक्शन के बाद, अब इनकम टैक्स रिटर्न भरने के लिए भी आधार कार्ड को अनिवार्य बना दिया गया है. इससे पहले तक इनकम टैक्स रिटर्न भरने के लिए केवल पैन कार्ड ही ज़रूरी होता था. यही नहीं, पैन कार्ड के लिए आवेदन करने के लिए भी अब आपके पास आधार कार्ड का होना ज़रुरी होगा.

सरकार इस नियम को 1 जुलाई से लागू करने वाली है और केंद्र ने लोकसभा में इससे संबंधित प्रस्ताव रख दिया है. इनकम टैक्स विशेषज्ञों के मुताबिक, सरकार की योजना है कि ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को टैक्स के दायरे में लाने की कोशिश की जाए, इसी के चलते इन प्रयासों को गति दी जा रही है. कैश ट्रांजैक्शन की लिमिट भी सरकार ने अब प्रस्तावित 3 लाख से घटाकर 2 लाख कर दी है.

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इस प्रस्ताव के पास होने के बाद आयकर रिटर्न फ़ाइल करते समय आधार नंबर ज़रूरी होगा. बिना आधार नंबर के आयकर रिटर्न अवैध माने जाएंगे. हालांकि रिटर्न भरने के लिए आधार एनरोलमेंट नंबर का भी इस्तेमाल हो सकता है. इससे पहले केंद्र सरकार ने ब्लैक मनी पर लगाम लगाने के लिए गठित एसआईटी की सिफ़ारिश के आधार पर ही 3 लाख से अधिक के कैश ट्रांज़ैक्शंस पर रोक का ऐलान किया था.

आधार कार्ड के अनिवार्य किए जाने से ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को टैक्स के दायरे में लाया जा सकेगा. देश में करीब 6 करोड़ लोग ही ऐसे हैं, जो इनकम टैक्स फ़ाइल करते हैं. इन लोगों के पास पैन कार्ड मौजूद है. लेकिन, आधार कार्ड रखने वाले लोगों की संख्या 100 करोड़ के करीब है. ऐसे में यदि इनकम टैक्स रिटर्न फ़ाइल करने के लिए आधार कार्ड ज़रूरी होगा, तो लोगों पर नज़र रखने में आसानी होगी. इससे पैन कार्ड बनने में किसी भी तरह की धोखाधड़ी से भी बचा जा सकेगा.

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गौरतलब है कि पिछले दिनों सरकार ने एक योजना के तहत,मुफ़्त रसोई गैस कनेक्शन प्राप्त करने को लेकर आधार कार्ड अनिवार्य किया था. इसके अलावा सरकार ने स्कूलों में मिड डे मील के लिए भी आधार कार्ड को ज़रूरी बनाने का फ़ैसला किया था, लेकिन इसे लेकर हुई ज़बरदस्त आलोचना के बाद सरकार को अपना निर्णय बदलना पड़ा.

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