एक हफ़्ते पहले ज्वेलर नीरव मोदी द्वारा पीएनबी को 11 हज़ार करोड़ा का चूना लगाने का मामला सामने आया. नीरव भी माल्या के ही नक़्शे-कदम पर चलते हुए उड़न-छू हो गये. इतने बड़े घोटाले से अभी देश और सरकार उबर ही रहे थे कि एक और घोटाला सामने आया है.

रोटोमैक पेन के मालिक विक्रम कोठारी द्वारा बैंकों के 800 करोड़ का चूना लगाने की घटना सामने आई. कल तक सभी मीडिया रिपोर्ट्स में ये कहा जा रहा था कि विक्रम कोठारी भी नौ-दो ग्यारह हो गये हैं.

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रिपोर्ट्स के अनुसार, कोठारी बैंकों से 837 करोड़ रुपये लेकर फ़रार हो गये हैं. कोठारी ने इलाहाबाद बैंक के कानपुर ब्रांच से 352 करोड़ और बैंक ऑफ़ बड़ौदा, इंडियन ओवरसीज़ बैंक, यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया से 485-485 करोड़ रुपये का लोन लिया था.

आज सवेरे Outlook की ख़बर के मुताबिक, सीबीआई ने विक्रम कोठारी को उनके कानपुर आवास से गिरफ़्तार किया है. सीबीआई ने कोठारी के घर पर रेड डाली, घंटों पूछताछ की और फिर गिरफ़्तारी की.

कल ANI ने ही ट्वीट के ज़रिये बताया था कि कोठारी देश छोड़ कर नहीं भागे हैं और वो जागरण ग्रुप के मालिक संजीव गुप्ता की बेटी की शादी में शिरकत करने गये थे.

बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने कोठारी के खिलाफ़ शिकायत दर्ज की थी. ANI की रिपोर्ट के मुताबिक सीबीआई अभी कोठारी, उनकी पत्नी और बेटे से पूछताछ कर रही है.

कोठारी के कानपुर सिटी सेंटर स्थित ऑफ़िस पर भी ताला लगा दिया गया है.

इस पूरे मामले में एक बात बहुत अच्छी हुई है कि वक़्त रहते कोठारी को पकड़ लिया गया है. अब देखना ये है कि बैंककर्मी कोठारी से पैसे कैसे निकलवाते हैं.

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