बॉलीवुड स्टार अक्षय कुमार को आज भी लोग एक्शन हीरो के तौर पर जानते हैं. एक दौर था जब अक्षय सिर्फ़ एक्शन फ़िल्में ही किया करते थे. जो एक्शन वो करते थे वैसा कोई अन्य बॉलीवुड स्टार एक बार के लिए सोचता भी नहीं था. उस दौर में भी अक्षय बिना बॉडी डबल के अपने अधिकतर स्टंट ख़ुद ही किया करते थे. वो ऐसा दौर था जब उनकी इसी एक्शन हीरो वाली छवि की वजह से उनका फ़िल्मी सफ़र ख़राब दौर से गुज़र रहा था. रोमांटिक फ़िल्मों के दौर में डायरेक्टर-प्रोड्यूसर अक्षय को अपनी फ़िल्मों में लेने से कतराते थे. लेकिन इन सब चुनौतियों के बावजूद अक्षय अपनी एक्टिंग के दम पर बॉलीवुड में टिके रहे. जबकि उनके दौर के कई स्टार फ़िल्म इंडस्ट्री से गायब हो चुके हैं. साल 2000 में आयी प्रियदर्शन की फ़िल्म 'हेरा फेरी' अक्षय के करियर को एक बार फिर से पटरी पर ले आई. पिछले एक दशक से अक्षय हर किस्म की फ़िल्में कर रहे हैं. वो इस समय बॉलीवुड के सबसे बिकाऊ स्टार हैं क्योंकि वो हिट पर हिट फ़िल्में दे रहे हैं.

1. कैसे की फ़िल्मी सफ़र की शुरुआत

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शायद आपको पता न हो, पर एक टाइम पर गोविंदा के अस्सिटेंट रह चुके अक्षय कुमार ने साल 1991 में आयी फ़िल्म सौगंध से अपने फ़िल्मी सफ़र की शुरुआत की थी. ये फ़िल्म तो चली नहीं, लेकिन उनका फ़िल्मी करियर ज़रूर चल गया. जबकि 90 के दशक में खिलाड़ी (1992), मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी (1994), मोहरा (1994) और सबसे बड़ा खिलाड़ी (1995) जैसी हिट एक्शन फ़िल्में देकर अक्षय बॉलीवुड के हार्डकोर एक्शन हीरो बन गए. वहीं साल 1995 से लेकर साल 2000 तक अक्षय का फ़िल्मी करियर उतार-चढ़ाव वाला रहा.

2. इस फ़िल्म ने बचाया था अक्षय के डूबते फ़िल्मी करियर को

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साल 2000 में आयी फ़िल्म 'धड़कन' ने अक्षय के डूबते करियर को संभालने का काम किया. ये फ़िल्म सुपरहिट साबित हुई. इस फ़िल्म से फ़ायदा न सिर्फ़ अक्षय को बल्कि सुनील शेट्टी और शिल्पा शेट्टी को भी हुआ.

3. इन फ़िल्मी ने अक्षय को बनाया कॉमेडी किंग

धड़कन फ़िल्म हिट होने के बाद तो अक्षय की जैसे निकल ही पड़ी. हेरा-फ़ेरी (2000), मुझसे शादी करोगी (2004), गरम-मसाला (2005), भागम-भाग (2006), फ़िर हेरा फ़ेरी (2006), हे बेबी (2007), भूल भुलैया (2007), वेलकम (2007), सिंह इज़ किंग (2008) और हाउसफ़ुल सीरीज़ जैसी सुपरहिट कॉमेडी फ़िल्मों ने अक्षय को बॉलिवुड का सबसे बड़ा कॉमेडी स्टार बना दिया.

3. ये फ़िल्में रही उनके करियर के लिए अहम

लेकिन पिछले कुछ सालों से अक्षय ने अपनी एक्शन और कॉमेडी छवि से इतर OMG (2012), गब्बर इज़ बैक (2015), जॉली LLB 2 (2017), टॉयलेट एक प्रेम कथा (2017) और पैडमैन (2018) जैसे सोशल इशूज़ पर आधारित फ़िल्मों से एक अलग मुक़ाम हासिल किया है. इस बीच उन्होंने स्पेशल 26 (2012), जैसी फ़िल्में भी कीं.

4. इन फ़िल्मों ने बनाया अक्षय को नेशनल हीरो

अक्षय ने हॉलिडे (2014), एयरलिफ़्ट (2016), रुस्तम (2016) और बेबी जैसी देशप्रेम की भावना से ओत-प्रोत फ़िल्मों के ज़रिये लोगों की सुर्ख़ियां बटोरी. अक्षय को रुस्तम में शानदार अभिनय के लिए पहली बार राष्ट्रीय पुरस्कार से भी नवाज़ा गया.

5. ये आने वाली फ़िल्में साबित हो सकती हैं अक्षय के करियर के लिए माइलस्टोन

आने वाले समय में सारागढ़ी के युद्ध पर आधारित 'केसरी' और भारतीय हॉकी पर आधारित 'गोल्ड' फ़िल्म के ज़रिये अक्षय एक बार फिर से देशप्रेम वाली छवि बनाने वाले हैं. जबकि इसी साल के अंत तक रजनीकांत अभिनीत '2.0' नकारात्मक भूमिका निभाते हुए दिखेंगे.

अगर फिल्म और उनके चयन की बात करें, तो सही मायने में अक्षय कुमार बॉलीवुड के असली बादशाह हैं. एक साधारण से हीरो से पहले एक्शन हीरो फ़िर कॉमेडी स्टार उसके बाद सोशल मैसेज़ और देशप्रेम आधारित फ़िल्मों का सुपरस्टार यूं ही नहीं बन जाता कोई. अक्षय की कड़ी मेहनत ने ही आज उन्हें इस मुक़ाम तक पहुंचाया है.