एक कहावत है कि 'पूत के पांव पालने में ही दिख जाते हैं'. 9 साल की अनादि तगड़े को देख कर ये कहावत सच प्रतीत होती है. दरअसल इंदौर की रहने वाली अनादि तगड़े चौथी क्लास में पढ़ती है और क्रिकेट का शौक रखती है. जिस उम्र में बच्चे गुड्डे-गुड़ियां और वीडियो गेम खेलने में अपना समय बिताते हैं, उस उम्र में अनादि सुबह की शुरुआत बैट और बॉल के साथ मैदान में पसीना बहाते हुए करती है.

अनादि के इसी ज़ज्बे की वजह से उसे वीमेन अंडर 19 क्रिकेट टीम ने ट्रायल के लिए बुलाया, जहां अनादि ने अपनी बॉलिंग से सीनियर खिलाड़ियों को लोहे के चने चबवा दिए. 9 साल की बच्ची की सधी हुई बॉलिंग देख कर सिलेक्टर्स भी काफ़ी अचंभित हुए और अनादि के नाम को टीम में जगह दी.

अनादि की मम्मी दीप्ती तगड़े भी एक बेहतरीन खिलाड़ी रह चुकी हैं, जो अनादि की कोच भी हैं. दीप्ती का कहना है कि 'वो अपनी बेटी में भविष्य का खिलाड़ी देखती हैं. पर जब उसके लिए कोच ढूंढने में दिक्कत आई, तो खुद मैंने ही उसे बॉलिंग के गुर सिखाने शुरू किये. 8 महीने की कोचिंग के बाद अनादि ने Happy Wanderers Cricket Club के साथ अपने करियर की शुरुआत की.'