दिल्ली का अंकित सक्सेना मर्डर केस तो याद ही होगा. 3 महीने पहले ये मर्डर केस मीडिया से लेकर राजनीति और सोशल मीडिया पर बहुत गरमाया हुआ था. दूसरे धर्म की लड़की से प्यार करने को लेकर राजनीतिक दलों ने अपने फ़ायदे के लिए इस मामले में ख़ूब राजनीति की. लेकिन 3 महीने बाद अंकित के परिजनों का हाल जानने वाला भी कोई नहीं है.

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23 वर्षीय फ़ोटोग्राफ़र अंकित जिस लड़की से प्यार करता था, उसी के घर वालों उस पर धारदार हथियारों से हमला कर जान से मार डाला था. अंकित अपने मां-बाप का एकलौता बेटा था. जाहिर सी बात है एकलौता बेटा होने के कारण घर के सभी लोग अंकित से बेहद प्यार भी करते थे.

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'द हिन्दू' के मुताबिक़, 3 महीने बाद अंकित के माता-पिता बेटे की याद में एक ऐसी संस्था खोलने जा रहे हैं, जो उन प्रेमी जोड़ों की मदद करेगी जिनके परिजन ऐसे रिश्तों के लिए राज़ी नहीं हैं. अंकित के पिता यशपाल सक्सेना ने बताया कि अब अपने एकमात्र बेटे की यादों को जिंदा रखने के लिए हम 'अंकित सक्सेना ट्रस्ट' शुरू करने की योजना बना रहे हैं. जो ऐसे जोड़ों की मदद करेगा, जो अलग-अलग समुदाय से आते हैं. ये ट्रस्ट मुख्यतः 'अमन' के लिए काम करेगा.

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अंकित के पिता अंकित के यूट्यूब चैनल 'आवारा बॉय' को फिर से पुनर्जीवित करना चाहते हैं. हालांकि, वो ये नहीं जानते हैं कि इसे कैसे चलाया जाता है, लेकिन इसके लिए वो अंकित के दोस्तों की मदद लेने की योजना बना रहे हैं.

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अंकित सक्सेना को दूसरे समुदाय की लड़की से प्यार करना भारी पड़ा था. अब उनके दुःखी माता-पिता की एकमात्र मांग यही है कि जिन लोगों ने उनके बेटे की जान ली उन्हें मौत की सजा मिलनी चाहिए.

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अंकित के माता-पिता की ये सोच उन मां-बाप के लिए सबक होगा, जो अपने बच्चों की ख़ुशियों को समझने के बजाय उनकी जान लेने को आतुर रहते हैं.