मनुष्य कब नरसंहार पर उतर आए, ये कोई नहीं कह सकता. पिछली सदी में दो भयानक युद्ध झेल चुकी इस दुनिया में आज भी कई देशों में भयंकर अशांति छाई हुई है.

इसी के चलते कुछ संस्थाएं, अंतर्राष्ट्रीय आपदाओं की स्थिति में दुनिया के लिए इमरजेंसी फ़ूड के बंदोबस्त में जुटी हैं. किसी युद्ध या भयंकर आपदा की स्थिति में Global Seed Vault ने खाद्य सुरक्षा के लिए कई ज़रुरी बीजों को इकट्टठा किया हुआ है. लेकिन ग्लोबल वार्मिंग के चलते इस खाद्य के भंडार पर भी खतरा मंडराने लगा है.

Doomsday Seed Vault क्या है ?

ये वॉल्ट यानि तहखानेनुमा सुरंग आर्कटिक की एक दूरदराज की कोयले की खान में मौजूद है. आर्कटिक के एक पहाड़ के पास मौजूद इस वॉल्ट में कई बीजों का जमावड़ा है. यहां दुनिया की बेहतरीन और विविध प्रकार की खाद्य फ़सलें मौजूद हैं.

यहां आलू, चावल, गेंहू, मसूर की दाल, छोले और जौ के बीजों के सैंपल उपलब्ध हैं. यहां इन बीजों के सैंपल को -0.4 फ़ैहरेहानइट पर रखा जाता है.

ये वॉल्ट, Arctic circle के 1300 किलोमीटर के अंदर दफ़न है. यहां मौजूद एक Permafrost इसे असीमित सुरक्षा प्रदान करता है

Seed बैंक वेबसाइट के मुताबिक, ये वॉल्ट Permafrost के अंदर मौजूद है और इसे इन बीजों की सुरक्षा के लिए एक कारगर तरीका बताया गया है. लेकिन हाल ही में हुई एक घटना ने इस जगह की सुरक्षा पर सवाल खड़े हुए हैं

ग्लोबल वार्मिंग की वजह से इस क्षेत्र में बारिश हो रही है, जिसकी वजह से नॉर्व के द्वीप पर मौजूद Permafrost पिघलने लगा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, वॉल्ट तक अभी पानी नहीं पहुंच पाया है. पानी इस सुरंग के गेट तक पहुंचते पहुंचते बर्फ़ बन गया था. लेकिन इस घटना ने वॉल्ट की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की नींद उड़ा दी है.

नॉर्वे सरकार के एक अधिकारी हेगे अशीम ने कहा कि हमने ये नहीं सोचा था कि Permafrost इस रफ़्तार से पिघलेगा या हमें इस तरह के भीषण तापमान का सामना करना पड़ेगा. गौरतलब है कि इस वॉल्ट के मालिक भी हेगे ही हैं.

नार्वे सरकार इस स्थिति को बेहद गंभीरता से ले रही हैं और वॉल्ट की सुरक्षा के लिए उन्होंने कई प्रयास शुरु भी कर दिए हैं. माना जा रहा है कि जल्दी ही इस स्थिति से निपट लिया जाएगा.

Source: India Times