एक कलाकार अपनी कलम से जो कमाल कर दिखाता है, शायद ही दुनिया का कोई शख़्स वैसा काम करने का माद्दा रखता हो. एक कार्टूनिस्ट अपनी सोच को कलम से उड़ान देता है, अपनी हुनर को, अपने जज़्बातों को अपनी कलम से उकेरता है. ऐसे ही एक कलाकार का जन्म 24 अक्टूबर 1921 को कर्नाटक के मैसूर में हुआ था. अपने कार्टून्स से व्यंग्य और कटाक्ष करने वाले आर के लक्ष्मण को प्रसिद्धी हालांकि "द टाइम्स ऑफ़ इंडिया" के एक कॉलम "द कॉमन मैन" से मिली. अपनी तमान उम्र समाज को अपनी संवेदनशील नज़र से देखने और उकेरने में लगाने वाले आर के लक्ष्मण ने हमें 26 जनवरी 2015 के दिन अलविदा कह दिया था.

आज उनके जन्मदिवस पर उनकी कलाकारी के कुछ जीवंत और कालजयी कृतियां हम आपके सामने पेश करने जा रहे हैं.

1. इंदिरा गांधी और इमरजेंसी का किस्सा

2. चुनाव और वायदों पर कॉमन मैन

3. धर्म और 1990 के दौर की राजनीति

4. भारत-चीन युद्ध 1962 के दौरान जवाहरलाल नेहरू

5. तमिलनाडू में हुए विरोध पर बोलता कॉमन मैन

6. गुजरात राहत कोष की बात हो रही है

7. सलमान खान हिट रन केस मामला

8. 1990 में शिव सेना और भाजपा

9. पेट्रोल की बढ़ती क़ीमतों पर रुख

10. नेताओं के वायदों पर कटाक्ष

आज के दिन गूगल भी डूडल बना कर उन्हें याद कर रहा है.

इन्होंने अपनी कलम को ही अपनी आवाज़ बनाया लेकिन वो आवाज़ कभी किसी से प्रभावित नहीं हुई, बल्कि सब कुछ देखती रही और प्रहार करती रही. आर के लक्ष्मण साहब जैसे दिग्गजों को हमने खोया नहीं है, उनसे कुछ न कुछ सीखना ही उन्हें ज़िंदा रखने के बराबर है.