हालिया हालातों पर नज़र दौड़ाये, तो यही पाएंगे कि उत्तर प्रदेश से ले कर देश की राजधानी दिल्ली तक महिलाएं हर दिन किसी न किसी हिंसा का शिकार हो रही है. इसी क्रम में नया नाम हैदराबाद का भी जुड़ गया है, जहां एक महिला को इस कदर प्रताड़ित किया गया कि इंसानियत के भी रोंगटे खड़े हो जाए.

ख़बरों के मुताबिक हैदराबाद के एक 'आश्रय गृह' की एक महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वो ज़ंजीरों से बंधी हुई दिखाई दे रही थी. कपड़ों के नाम पर उसके शरीर पर बस छाती ढकने के लिए एक मैला-कुचला कपड़े का एक टुकड़ा था.

ये हालत कहीं और नहीं, बल्कि इंडियन कॉउंसिल फ़ॉर सोशल वेलफेयर द्वारा चलाये जा रहे एक 'आराम घर' की है, जिसे 1954 में सरकार द्वारा बनाया गया था. Mailardevpally पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर पी. जगदीश्वर का कहना है कि 'सड़कों पर रहने वाले बेसहारा लोगों को यहां ला कर रखा जाता था.'

इस आराम घर के डायरेक्टर का कहना है कि 'बिहार की रहने वाली संजना को 6 दिसंबर 2014 को गुजरात के ‘गांधी धाम आश्रम’ से डिस्चार्ज किया गया था.' जबकि पुलिस ने डायरेक्टर के इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि 'वो हैदराबाद की गलियों में बेसहारा घूमती हुई पाई गई थी.' इसके साथ ही पुलिस ने कहा कि 'जब संजना उन्हें मिली, तो उसकी मानसिक हालत ठीक नहीं थी इसलिए उसे यहां लाया गया था.'

50 साल से ज़्यादा पुराने इस आश्रय घर की हालत का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां न, तो कोई डॉक्टर है और न ही कोई नर्स. यहां इंसानों के साथ जानवरों से भी ज़्यादा बदतर सुलूक किया जाता था. न्यूज़ नेशन की रिपोर्टर राज किरण की रिपोर्ट के मुताबिक, संजना के साथ लम्बे समय से यौन उत्पीड़न भी किया जा रहा था.

संजना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने IPC की धारा 342 के तहत मामला दर्ज किया है. फ़िलहाल संजना को Hyder Shah Kote के कस्तूरबा गांधी नेशनल मेमोरियल ट्रस्ट में इलाज के लिए रखा गया है.

Source: quint