भारत की तरह ही बांग्लादेश में भी क्रिकेट को धर्म की तरह जबकि खिलाड़ियों को भगवान की तरह पूजा जाता है. जिस तरह भारत में सचिन, धोनी और विराट जैसे खिलाड़ियों के चाहने वालों की कमी नहीं है. उसी तरह बांग्लादेश में भी शाकिब अल हसन, तमीम इकबाल और मशरफ़े मोर्तज़ा की फ़ैन फ़ॉलोविंग ज़बरदस्त है.

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आज हम बात बांग्लादेश के वनडे कप्तान मशरफ़े मोर्तज़ा की ही करने जा रहे हैं, जो हाल ही में बांग्लादेश के 11वें आम चुनाव में भारी जीत दर्ज़ कर सांसद बने हैं. ऐसा करने वाले वो न केवल बांग्लादेश देश के, बल्कि दुनिया के पहले सक्रिय क्रिकेटर बन गए हैं. सांसद बनने के बाद मोर्तज़ा जल्द ही क्रिकेट को अलविदा कह सकते हैं.

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बांग्लादेश के नरेल-2 संसदीय क्षेत्र से 'अवामी लीग' के उम्मीदवार मोर्तज़ा को 274,418 वोट मिले. जबकि उनके ख़िलाफ़ चुनाव लड़ने वाले 'एनयूएफ़ गठबंधन' के उम्मीदवार फ़रीदुज्जमान फ़रहद को मात्र 8006 वोट ही मिले. इससे अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि उनकी फ़ैन फ़ॉलोविंग कितनी ज़बरदस्त है.

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चुनाव में मोर्तज़ा को अपने संसदीय क्षेत्र के कुल वोट के 96 प्रतिशत से भी अधिक वोट मिले हैं. नईमुर रहमान दुरजॉय के बाद सांसद बनने वाले दूसरे क्रिकेट कप्तान हो गए हैं.

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इस शानदार जीत के बाद मशरफ़े मोर्तज़ा ने कहा कि 'भले ही मैंने राजनीति के मैदान में भारी जीत दर्ज की है, लेकिन मैं हमेशा क्रिकेटर पहले रहूंगा, बाद में राजनीतिज्ञ.

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इन चुनावों में प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी 'अवामी लीग' ने शानदार जीत हासिल की है. अवामी लीग के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 300 में 260 सीटों पर जीत दर्ज़ की. सत्तारूढ़ पार्टी 'अवामी लीग' की ये लगातार तीसरी जीत है.

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