Ola, Uber को टक्कर देने के लिए एक नई टैक्सी कंपनी ऐप, बैक्सी अपने पूरे लाव-लश्कर के साथ मार्किट में उतर चुकी है. ये ऐप ना केवल सड़कों से लोगों को पिक करेगी, बल्कि ये कैब ड्राइवर्स के लिए कमीशन फ़्री रजिस्ट्रेशन और एनरोलमेंट जैसी सुविधाओं के साथ भी लैस होगी.

बैक्सी गुरुवार को सात शहरों में लॉन्च की गई है, जिसमें दिल्ली, गुरुग्राम, गाज़ियाबाद, मुंबई, पुणे, चेन्नई, बेंगलुरु जैसे शहर शामिल हैं.

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बड़ी टैक्सी कंपनियों के साथ विवाद के चलते कई टैक्सी ड्राइवर्स अब बैक्सी के साथ जुड़ रहे हैं. कई मुख्य टैक्सी कंपनियों से खार खाए बैठे ड्राइवर्स इस ऐप को एक बेहतर विकल्प के तौर पर अपना रहे हैं.

मुंबई में बैक्सी के सिटी हेड, विनायक सावंत ने बताया कि इन कैब्स का बेस किराया 50 रु. से शुरु होगा. इसके बाद हर किलोमीटर पर 9 रुपये चार्ज होगा. इसके अलावा कैब ड्राइवर के हर एक मिनट इंतज़ार करने पर 1 रुपये का चार्ज लगेगा. हालांकि इस टैक्सी सेवा में कोई सर्ज चार्ज नहीं लगेगा.

सावंत ने कहा कि इस ऐप के लॉन्च होने से पहले तक बैक्सी को दिल्ली, मुंबई, नोएडा और गुरुग्राम के 800 कैब ड्राइवर्स के एप्लीकेशंस मिल चुके हैं. हमने बैक्सी ऐप को एनसीआर से लेकर मुंबई तक में लॉन्च किया है. ये एक फ़्री ऐप है जिसका टैक्सी यूनियन के साथ टाई-अप है. ये उन परेशान कैब ड्राइवर्स के लिए है जो हड़ताल पर चले गए थे.

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मुंबई टैक्सी यूनियन के प्रफुल्ल शिंदे ने कहा कि उन्हें ये कदम इसलिए उठाना पड़ा क्योंकि टैक्सी एग्रीगेटर्स ने उन्हें जिस बिज़नेस का वादा किया था, वे उस बिज़नेस को हमें दिला नहीं पा रहे थे. शुरुआत में उन्होंने हमें अच्छा बिज़नेस दिया, लेकिन धीरे-धीरे मार्केट पर अपनी बढ़िया पकड़ होने के बाद उन्होंने अपने बिज़नेस को कई और जगहों पर फ़ैलाना शुुरु कर दिया. शायद यही कारण है कि मुंबई में अब 7000 से ज़्यादा ऐसे कैब ड्राइवर्स हैं, जिन्होंने नए प्लेटफ़ार्म पर शिफ़्ट होने का फ़ैसला कर लिया है.

इसके अलावा इस ऐप में सड़क से ही लोगों को पिक कर पाने की सुविधा होगी. इसका मतलब होगा कि कोई भी इंसान बिना फ़ोन के भी कैब को हायर कर सकेगा. दरअसल कई लोग ऐसे हैं जो अपने फ़ोन नंबर शेयर करना नहीं चाहते, ऐसे लोगों की सुविधा को देखते हुए ही बैक्सी इस फ़ीचर को मार्केट में लेकर आ रही है.

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दूसरी टैक्सी कंपनियों से स्पर्धा के मामले में टैक्सी यूनियन लीडर ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि सुविधाओं को देखते हुए कई और कैब ड्राइवर्स भी हमारे साथ जुड़ेंगे.

शिंदे ने कहा कि 'मुझे याद है एक आईपीएल मैच के दौरान पारपंरिक कैब से जाना मेरे लिए काफ़ी महंगा साबित हुआ था. दरअसल मैं वानखेड़े स्टेडियम से मैच देखकर ठाणे आ रहा था. मुझे इतनी दूरी के 6200 रुपये देने पड़े थे. इसी को देखते हुए हमने इस ऐप में एक नए फीचर को भी शामिल किया है. हमारी नई एप में किसी भी तरह की सर्ज प्राइज़िंग नहीं होगी. हमें उम्मीद है कि इससे भी हम नए ग्राहकों को लुभाने में कामयाब होंगे'.

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