भारत सरकार ने लोगों की जिंदगी आसान बनाने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं. इन्हीं में से एक है 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' योजना. इसके अंतर्गत लड़कियों की पढ़ाई की तरफ़ ज़्यादा ध्यान देना और उनके उज्जवल भविष्य के लिए पैसे की सहायता दी जाती है.

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लेकिन उत्तर प्रदेश में इस योजना को भी लोगों ने धांधली करने का एक ज़रिया बना लिया है. ये एक पूरा रैकेट है, जो अगल-अलग जिले में एक साथ सक्रिय है. ये ठग उन लोगों को निशाना बना रहे हैं, जो गरीब तपके के हैं.

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इस धांधली में ये ठग घर-घर घूमते हैं और लोगों को एक फ़ॉर्म बेचते हैं. इस फ़ॉर्म की कीमत 5 से 10 रुपये के बीच बताई जाती है, जो किसी को भी देने में ज़्यादा दिक्कत नहीं होती. ये ठग इस फ़ॉर्म को भर के भारत सरकार को भेजने के लिए लोगों को कहते हैं. ठगों के अनुसार, इस फ़ॉर्म को भर के भेजने से भारत सरकार लड़की के 18 साल के होने पर उनके बैंक खाते में 2 लाख रुपये भेजती है.

ये धांधली तब सामने आई, जब भारत सरकार के दफ़्तर में बीते 5 दिनों में 30 हज़ार से ज़्यादा फ़ॉर्म आए. जब इसकी जांच शुरू हुई, इस जांच के दौरान 9 लोगों को हिरासत में लिया गया. सरकार ने ये साफ़ कर दिया है कि ऐसी कोई स्कीम 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' योजना के तहत नहीं आती.

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इस ख़बर को सबसे पहले इंग्लिश अख़बार 'द टाइम्स ऑफ़ इंडिया' ने प्रकाशित किया था. छपि ख़बर के अनुसार, मुज़फ्फरनगर पुलिस ने 7 महिलाओं को भी इस धांधली के अंतर्गत हिरासत में लिया है. साथ ही भारत सरकार ने इसके खिलाफ़ एक नोटिस जारी किया है, जिसमें इस तरह की किसी भी स्कीम को झूठा करार दिया गया है.

'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' योजना साल 2015 में शुरू की गई थी. लेकिन लोगों ने इस योजना में भी धांधली शुरू कर दी. ये तो एक खुलासा है, ज़रा सोचिए ऐसी न जाने कितनी झूठी योजनाएं होंगी, जिनके बारे में बता कर ठग लोगों को अपना शिकार बना रहे होंगे.

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