कई फ़िल्मों पर कैंची चलाकर विवादों में रहने वाले पहलाज निहलानी को सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है. पहलाज के बाद अब अगले अध्यक्ष मशहूर गीतकार और लेखक प्रसून जोशी होंगे.

पहलाज निहलानी का कार्यकाल कई विवादों से भरा रहा. माना जा रहा है कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय उनके कामकाज से खुश नहीं था. अपनी विवादित टिप्पणियों और फ़िल्मों में गैरज़रुरी कट्स के चलते वे सिने प्रेमियों और निर्माता निर्देशकों की आंख की किरकिरी बने रहे.

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19 जनवरी 2015 में उन्हें सेंसर बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया था. फ़िल्म 'उड़ता पंजाब' पर विवाद के चलते फ़िल्म निर्माता अनुराग कश्यप समेत बॉलीवुड का एक बड़ा तबका पहलाज के खिलाफ़ आकर खड़ा हो गया था. अनुराग की प्रोड्यूस की गई फ़िल्म 'एनएच 10' को भी 9 कट्स के बाद 'ए' सर्टिफिकेट दिया था वही कई ऐसी फ़िल्में थी जिनमें आपत्तिजनक सीन्स की भरमार थी, लेकिन इन फिल्मों को 'यूए' सर्टिफिकेट देने की वजह से भी सेंसर बोर्ड विवादों में रहा. शायद यही कारण है कि पहलाज के हटाए जाने के कुछ ही देर बाद अनुराग अपने फ़ेसबुक पोस्ट पर इस फ़ैसले का जश्न मना रहे हैं.

अमर्त्य सेन पर बनी एक डॉक्यूमेंट्री को सेंसर बोर्ड की मंज़ूरी न मिलने पर अभिनेता कबीर बेदी ने भी पहलाज निहलानी को एक त्रासदी बताया था और कहा था कि सेंसर बोर्ड की हरकतो से देश की छवि खराब हो रही है.

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वहीं 1968 में उत्तराखंड में पैदा हुए मशहूर लेखक, कवि और गीतकार प्रसून जोशी काफ़ी अर्से से बॉलीवुड से जुड़े हुए हैं. उन्हें फ़िल्म 'तारे जमीं पर' के गाने 'मां' के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिल चुका है.