उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के पद के लिए योगी आदित्यनाथ के नाम की घोषणा होने के बाद अटकलें लगाई जा रही थीं कि गोरखपुर के बाद अब सारे प्रदेश में भी हिन्दुत्त्व का एजेंडा सरकार की प्राथमिकता में शामिल होगा.

ख़ैर, इन सभी अटकलों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हठ योग को छोड़ कर राज योग का धर्म निभा रहे हैं और 'सबका साथ, सबका विकास' नारे के साथ आगे बढ़ रहे हैं. शिक्षा नीतियों में बदलाव करने के बाद अब मुख्यमंत्री राज्य के हर तबके तक खाना पहुंचाने की तैयारी कर रहे हैं.

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इसके लिए सरकार 'अन्नपूर्णा भोजनालय' के नाम से एक योजना पर काम कर रही है, जिसे राज्य के सभी 14 नगर निगमों में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत शुरू किया जाएगा. इसके लिए करीब 275 कैंटीन खोली जायेंगी, जिन पर 153.59 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है.

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ख़बरों के मुताबिक, इस योजना के अंतर्गत लोगों को 3 रुपये में नाश्ता और 5 रुपये में खाना खिलाया जायेगा. नाश्ते के रूप में लोग नमकीन दलिया, कचौड़ी, खस्ता-समोसा, इडली-सांभर, बन-मक्खन, ब्रेड पकौड़ा, पोहा और चाय में से कुछ भी ले सकेंगे. जबकि खाने में रोटी-सब्जी, दाल-चावल और वेज बिरयानी ले भी सकेंगे.

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इससे पहले इस तरह की योजना मध्य प्रदेश और तमिलनाडु की सरकारें भी अपने यहां सफ़लतापूर्वक चला चुकी हैं.

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