पिछले कुछ दिनों में देश में गाय को लेकर घमासान मचा हुआ है. गौरक्षा की आड़ में कुछ असामाजिक तत्व भारत के सेक्युलर फ़ैब्रिक को तोड़ने की कोशिश में लगे हैं. खास बात ये है कि कई लोग इन तत्वों का समर्थन भी करते हैं, लेकिन क्या हम गायों को लेकर सच में संवेदनशील और भावनात्मक हैं?

ये तस्वीर चीन की है. इसे देखकर आप भले ही गुस्से से भर उठें, लेकिन ये आज फ़ैशन इंड्रस्टी की सच्चाई बनी हुई है. जब भी आप लेदर से बनी कोई भी चीज़ खरीदते हैं, तो आप इन गायों पर होने वाली क्रूरता के भागीदार बनते हैं. चाहे वो कोई स्टायलिश हैंडबैग हो या फ़िर आरामदायक शूज़, लेदर का कोई भी सामान खरीद कर आप इन मासूम जानवरों की तकलीफ़ों को कई गुना बढ़ा देते हैं.

इन जानवरों के दर्द का अंदाज़ा लगाना भी नामुमकिन है. यहां लेदर के लिए कई गायों की चमड़ियों को निर्ममता से उतारा जाता है. ये मासूम गाय भागने न पाए, इसके लिए इनकी टांगों को काट दिया जाता है. कई बार ये लोग गाय की पूंछ काट देते हैं और उनकी आंखों में एक खास तरह का तीखा पाउडर डाल देते हैं, जिससे इन गायों की आंखों में दर्द बना रहता है. इस क्रूरता का मकसद होता है कि इन्हें बूचड़खानों में बिना किसी प्रतिरोध के आसानी से पहुंचाया जाए.

पेटा ने चीन सरकार से भी इन लोगों पर सख़्त एक्शन लेने की गुहार लगाई है. चीन जानवरों पर होने वाले कानून को लेकर बेहद लापरवाह रहा है. पेटा ने एक वीडियो भी जारी किया है जिसमें एक चीनी हाउस में 100 से 200 कुत्तों को क्रूरता से मारा जाता है, ताकि लेदर ग्लव्ज़ बनाए जा सकें. ब्रिटेन के कई जाने-माने रिटेलर्स चीन से सस्ता लेदर इंपोर्ट कर रहे हैं. ज़ाहिर है अगर कोई मशहूर ब्रांड भी लेदर बेच रहा है तो भी वो इन कुत्तों और गायों पर होने वाले टॉर्चर का भागीदार है.

शायद यही कारण है कि कुछ समय पहले बॉलीवुड एक्टर एज़ाज खान ने भी कहा था कि 'अगर हम सच में गाय को लेकर संवेदनशील होना चाहते हैं और उन्हें बचाना चाहते हैं, तो हार्ले डेविडसन और ऐसी ही कई बड़ी कंपनियों की लेदर बेल्ट्स और लेदर से बनने वाली चीज़ों की ब्रिकी पर प्रतिबंध लगाएं'.

चीन में केवल गाय ही नहीं, बल्कि कुत्तों के साथ भी बेहद निर्ममता से पेश आया जाता है. इन कुत्तों की खाल उतारने से पहले उन्हें पीटा जाता है और फ़िर इन्हें अधमरा करने के बाद इनकी खाल को धीरे-धीरे उतार लिया जाता है.

गौरतलब है कि कुत्ते का मीट कई एशियाई देशों में लोकप्रिय है. ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और अमेरिका में कुत्ते की खाल से बनने वाले लेदर पर कोई प्रतिबंध भी नहीं है. पेटा के मुताबिक, दुनिया भर की दुकानों में बिकने वाले सस्ते लेदर के ग्लव्ज़ को अगर आप खरीद रहे हैं, तो जान लीजिए कि आप भी इन लोगों के साथ ही क्रूरता के भागीदार हैं. पेटा ने इसके अलावा लोगों को Vegan विचारधारा अपनाने की गुज़ारिश की है. पेटा ने साफ़ शब्दों में कहा है कि कपड़ों से लेकर विभिन्न प्रकार की ज़रुरतों के लिए आज कई ऐसे फ़ैब्रिक मौजूद हैं, जो बिना जानवरों को टॉर्चर किये बनाए जाते हैं. पेटा का मानना है कि फ़ैशन के नाम पर किसी भी जानवर को इस भयानक टॉर्चर से गुज़रने की ज़रूरत नहीं है.

पेटा का कहना है कि 'जब दुनिया में बिना क्रूरता के इस्तेमाल होने वाली पर्यावरण फ़्रेंडली फ़ैब्रिक भरपूर मात्रा में मौजूद हैं, तो कोई कारण नहीं बनता कि कुत्तों, गायों, सुअर और बकरियों और ऐसे ही सैंकड़ों जानवरों पर ऐसी भयानक क्रूरता बरती जाए'.

अगर आप असल मायनों में इन जानवरों, खासकर गायों की मदद करना चाहते हैं तो लेदर से बने प्रॉडक्ट्स को इस्तेमाल करना बंद करें. दुनिया में अब ऐसे कई डिज़ाइनर्स और फ़ैशन कंपनियां हैं जो बिना जानवरों पर क्रूरता ढहाए शानदार प्रोडक्ट्स बना रहे हैं. केवल अपने फ़ैशन के लिए निर्दोष जानवरों को तड़पा-तड़पा कर मार डालना किसी भी तरह से जायज़ नहीं ठहराया जा सकता.

Source: Metro and Hinduismnow