पूरे देश में इन दिनों बोर्ड की परीक्षाएं चल रही हैं. इसका प्रेशर तमाम छात्रों से लेकर उनके अभिभावकों पर भी देखा जा सकता है. कुछ छात्र तो इससे आसानी से पार पा लेते हैं, वहीं कुछ होते हैं जो इसे झेल नहीं पाते और जाने-अंजाने में ग़लत कदम उठा लेते हैं. ऐसा ही कुछ हुआ है पंजाब के मोहाली में जहां एक 12वीं के छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.

दरअसल, मोहाली के रहने वाले 17 साल के छात्र करणवीर सिंह ने हाल ही में फ़िज़िक्स का एग्ज़ाम दिया था. इसमें वो कुछ सवालों के जवाब नहीं दे पाया और इसी दबाव में आकर उसने घर पर आने के बाद पंखे से लटक कर अपनी जान दे दी.

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मरने से पहले करणवीर ने सुसाइड नोट में लिखा- 'मुझे माफ़ कर दीजिए, मैं अापकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया. मैं अपने दादा-दादी को बहुत प्यार करता हूं, कृपया उनका ख्याल रखना'.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, करणवीर अपने माता-पिता की एकलौती संतान था. उनके पिता को इस बात का अफसोस है कि आखिरी दिन क्यों उन्होंने उसे अपनी स्पीड बढ़ाने के लिए कहा था. इसकी बजाय उन्हें उससे कहना चाहिये था कि 'कोई बात नहीं, हमें तुम्हारे मार्क्स से नहीं, तुम्हारे चेहरे पर स्माईल देख कर सबसे ज़्यादा ख़ुशी होती है'.

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गौरतलब है कि, करणवीर सिंह एक अच्छा स्टूडेंट था. प्री-बोर्ड में उसने 90 प्रतिशत अंक हासिल किए थे. वो आईआईटी के एंट्रेंस की तैयारियां कर रहा था, लेकिन उसके साथ ही उसका ये सपना भी ख़त्म हो गया.

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो( एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार, देश में हर 1 घंटे में एक छात्र सुसाइड कर लेता है. इससे पता चलता है कि स्थिति कितनी भयानक है. अगर हमने वक़्त रहते कुछ न किया, तो परीक्षा का भूत हमारे भविष्य को निगल जाएगा.

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