माउंट एवरेस्ट पर लगातार तीन बार सफ़लतापूर्वक फ़तह हासिल करने वाले कर्नल रणवीर सिंह जम्वाल इस बार 7 महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटी पर फ़तह हासिल करने के मिशन पर निकल पड़े हैं. कर्नल जम्वाल पहले ही छह महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों पर फ़तेह हासिल कर चुके हैं. अब वो अपने अंतिम लक्ष्य 'माउंट विंसन' की चढ़ाई के लिए 25 दिसंबर को अंटार्कटिका के लिए रवाना हो चुके हैं.

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भारत के सर्वोच्च साहसिक पुरस्कार (तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार) पाने वाले कर्नल रणवीर सिंह को नवंबर 2017 में 'इंडियन माउंटेनियरिंग फ़ाउंडेशन' की ओर से सर्वक्षेष्ठ पर्वतारोही का अवॉर्ड भी दिया गया था. इसके अलावा वो तीन बार राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित भी हो चुके हैं. कर्नल रणवीर सिंह लगातार तीन बार एवरेस्ट अभियान का नेतृत्व करने वाले भारत के एकमात्र व्यक्ति हैं.

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जम्मू-कश्मीर के रहने वाले कर्नल जम्वाल माउंट एवरेस्ट, माउंट किलिमंजारो, माउंट कार्स्टेंस पिरामिड, माउंट एल्ब्रस, माउंट एकॉनगुआ और माउंट डेनाली पर तिरंगा फ़हराने वाले पहले आर्मी मैन हैं. इस दौरान उन्होंने 30 से अधिक अभियान किए. उन्होंने साल 2015 में उस एवरेस्ट रेस्क्यू दल का नेतृत्व किया था जिसमें भूकंप के कारण 18 लोग मारे गए थे और 60 घायल हो गए थे. इस दौरान उनके नेतृत्व में कुल 51 पर्वतारोहियों ने एवरेस्ट पर चढ़ाई की थी.

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यदि कर्नल जम्वाल ये मिशन पूरा कर लेते हैं, तो वो दुनिया के सात महाद्वीपों की सात सबसे ऊंची चोटियों पर फ़तह हासिल करने वाले नौवें भारतीय जबकि भारतीय सेना के पहले जवान होंगे.

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ज़ी न्यूज़ से बातचीत के दौरान कर्नल रणवीर सिंह जम्वाल ने कहा, 'मेरा ये मिशन मौसम पर निर्भर करता है. इस दौरान मैं अपना बेस्ट दूंगा. मैं अपने सीनियर्स का बहुत शुक्रगुज़ार हूं जिन्होंने हर कदम पर मेरा समर्थन किया'.

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अगर आप भी कर्नल रणवीर सिंह जम्वाल की वीरता और साहस की कहानी से रू-ब-रू होना चाहते हैं, तो 'शूट डाइव फ़्लाई' की 21 प्रेरणादायी कहानियां में एक कहानी उनकी भी है.

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