फ़्रांस के 35 वर्षीय आदमी के परिवार के लिए वो एक भावुक करने वाला क्षण था, जब उसकी आंख से एक आंसू टपका था. ये आदमी पिछले 15 सालों से कोमा में था.

ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) के अनुसार, अचेतन अवस्था में इंसान जगा हुआ तो होता है, लेकिन इसका कोई संकेत नहीं दे पाता.

'Current Biology' जर्नल के अनुसार, इस आदमी को न्यूरोसर्जन द्वारा Nerve Stimulation थेरेपी देने के कारण होश आ पाया है. VNS (Vagus Nerve Stimulation) का इस्तेमाल पहले से मिर्गी और अवसाद के इलाज के लिए किया जाता रहा था. अब पाया गया है कि ये थेरेपी कोमा के इलाज में भी कारगर हो सकती है.

माना जाता था कि 12 महीने से ज़्यादा कोमा में रहने के बाद मरीज़ का ठीक हो पाना लगभग नामुमकिन होता है. Vagus नस दिमाग़ को शरीर के कई हिस्सों से जोड़ती है. ये चलने, अलर्ट होने जैसे कई कामों को नियंत्रित भी करती है.

ये थेरेपी कितनी कारगर है, ये जानने के लिए वैज्ञानिकों ने एक मुश्किल केस लिया था. इस थेरेपी के एक महीने बाद ही मरीज़ की हालत में सुधार होने के संकेत मिलने लगे. वो आंखों की पुतलियां घुमाने लगा, अपना सिर हिलाने लगा और अपनी आंखें भी खोलने लगा. उसके दिमाग में भी हलचल होने के संकेत मिले हैं.

इस केस स्टडी के बाद कहा जा सकता है कि अब कोमा में जा चुके मरीज़ों का इलाज होना भी संभव हो सकेगा.

Source: Timesnownews