आधार कार्ड की शुरुआत ही कई तरह के विवादों के साथ हुई थी. पूर्व सरकार के समय विपक्ष में बैठी पार्टियों ने इसे लोगों की निजता का हनन बताया था. पर सरकार में आने के बाद विपक्षी पार्टियां पूर्व सरकार के नक़्शे-क़दमों पर चलने लगी हैं और सभी सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य कर दिया है.

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हाल ही में सेंटर फॉर इंटरनेट एंड सोसाइटी (CIS) ने खुलासा किया है कि सरकारी योजनाओं में अनिवार्य आधार कार्ड की जानकारी सरकारी वेबसाइट से ही चोरी हो रही है. अपनी रिपोर्ट में CIS ने दावा किया है कि नेशनल सोशल असिस्टेंस प्रोग्राम, नेशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी स्कीम के साथ ही आंध्र प्रदेश गवर्नमेंट की वेबसाइट से 130-135 मिलियन लोगों का डाटा चोरी हुआ है. इसके अलावा इन पोर्टल्स से लिंक हुई 100 मिलियन बैंक की डिटेल्स भी लीक की गई हैं.

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CIS ने अपनी इस रिपोर्ट को 'Information Security Practices of Aadhaar: A Documentation of Public Availability of Aadhaar Numbers with Sensitive Personal Financial Information' का नाम दिया है. CIS ने इसके पीछे वेब पोर्टल्स पर सुरक्षा मानकों का न होना बताया है.

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