भगवान है या नहीं ये एक चर्चा का विषय हो सकता है. लेकिन उनका अस्तित्व है ये बात तो माननी ही पड़ेगी. इंसान जब कभी भी मुसीबत में होता है सबसे पहले भगवान का नाम लेता है. भले ही हम भगवान को देख नहीं पाते लेकिन इस धरती पर उनके द्वारा भेजे कई ऐसे लोग हैं, जो किसी न किसी के लिए भगवान से कम नहीं हैं. जब कोई व्यक्ति किसी बड़ी मुसीबत में हो और कोई दूसरा फ़रिश्ता बनकर उसकी जान बचा ले, उसके लिए तो वही भगवान के समान है. हमारे आस-पास भी कभी-कभार ऐसी घटनाएं देखने को मिल जाती हैं.

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हाल ही में चीन के Zhejiang प्रान्त से एक ऐसी ही घटना सामने आयी है. एक डिलीवरी बॉय Lu Hucheng ने रास्ता भटक चुकी एम्बुलेंस को उसकी मंज़िल तक पहुंचाकर एक मरीज़ की जान बचाने का नेक काम किया. दरअसल, इस एम्बुलेंस का जीपीएस काम नहीं कर रहा था और उसे घायल व्यक्ति तक पहुंचने में दिक्कत हो रही थी. इसी दौरान एम्बुलेंस के ड्राइवर ने वहां से गुज़र रहे Hucheng से रास्ता पूछा. लेकिन थोड़ी देर बाद ही एम्बुलेंस फिर से मंज़िल से भटक गयी.

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इसके बाद एम्बुलेंस ड्राइवर ने एक बार फिर Hucheng से मदद मांगी. किसी की जान ख़तरे में है सोचकर Lu Hucheng ने एम्बुलेंस को रास्ता बताने के बजाय ख़ुद ही अपनी स्कूटी से एम्बुलेंस के आगे चलते हुए उसे घायल व्यक्ति तक पहुंचाया. Hucheng की मदद से आख़िरकार एम्बुलेंस ठीक समय पर मंज़िल तक पहुंच पाई और गंभीर रूप से घायल मरीज़ को मदद मिल सकी. किसी की जान के ख़ातिर Hucheng को अपनी जॉब की भी फ़िक्र नहीं थी. इसी को इंसानियत कहते हैं.

चीन के 'पीपुल्स डेली' से Wenzhou Emergency Medical Center के डॉक्टर Shang Chaofan ने बताया कि, ये घटना 4 जून की है. रात के वक़्त जब जीपीस की ख़राबी के चलते एम्बुलेंस को घायल व्यक्ति तक पहुंचने में दिक्कत हो रही थी. इसके बाद हमें एक फ़ूड डिलीवरी बॉय से मदद मांगनी पड़ी.

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'पीपुल्स डेली' से बात करते हुए Lu Hucheng ने कहा कि 'किसी की जान ख़तरे में है इसके लिए ज़्यादा सोचने के बजाय मैंने खुद ही एम्बुलेंस को उसकी मंज़िल तक पहुंचने का काम किया. मैंने तो एक छोटा सा काम किया, मुझे बिलकुल भी उम्मीद नहीं थी कि मुझे लोगों की इतनी सराहना मिलेगी.'

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किसी ज़रूरतमंद की मदद करने से बड़ा पुण्य का काम इस दुनिया में और क्या हो सकता है?