The Wall के नाम से मशहूर पूर्व भारतीय क्रिकेटर, राहुल द्रविड़ को हम सभी जेंटलमैन क्रिकेटर के तौर पर जानते हैं. हाल ही में बीसीसीआई ने न्यूज़ीलैंड में विश्वकप विजेता अंडर-19 टीम के खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ़ के लिए ईनामों की घोषणा की थी. इसके बाद द्रविड़ ने बीसीसीआई से सभी को बराबर पैसे देने की मांग की थी. बीसीसीआई ने उनकी बात मानते हुए सभी को 25-25 लाख रुपये दिए थे. कोच के तौर पर द्रविड़ को पहले 50 लाख़ रूपये मिलने थे, लेकिन उन्होंने इसकी परवाह किये बग़ैर कम फ़ीस लेना ठीक समझा.

अगर आपको लगता है कि राहुल द्रविड़ ही एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं, जो ऐसा काम करते हैं, तो आपको बता दें कि टीम इंडिया में एक और ऐसा खिलाड़ी है जो द्रविड़ की राह पर चल रहा है. हम बात कर रहे हैं टीम इंडिया की पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की.

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बुधवार को बीसीसीआई ने नए कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम की घोषणा की थी. इस बार खिलाड़ियों को चार ग्रेड A+, A, B और C में बांटा गया. बीसीसीआई ने तीनों फ़ॉर्मैट में खेलने वाले खिलाड़ियों को A+ में रखा है. A+ ग्रेड वाले प्लेयर्स को सालाना 7 करोड़ रुपये मिलेंगे, जबकि टेस्ट क्रिकेट से सन्यास ले चुके पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को A ग्रेड में रखा गया है. विराट को छोड़ कर A+ ग्रेड में कई ऐसे खिलाड़ियों को भी जगह दी गयी है, जो तीनों फ़ॉर्मैट में लगातार नहीं खेलते हैं. इस हिसाब से देखा जाये, तो धोनी को भी A+ ग्रेड में रखा जा सकता था, क्योंकि वो बल्लेबाज़ी के साथ-साथ विकेट कीपिंग की एक्स्ट्रा भूमिका भी निभाते हैं. लेकिन धोनी ने A+ ग्रेड को प्राथमिकता न देकर A ग्रेड में रहना बेहतर समझा.

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बताया जा रहा है कि बीसीसीआई के इस नए Pay Structure के पीछे धोनी और विराट की भी मुख्य भूमिका रही है. बावजूद इसके, धोनी ने ख़ुद को A+ ग्रेड से बाहर रख कर Pay Cut को लेकर एक नई परम्परा शुरू की है. धोनी हमेशा से ही नए खिलाड़ियों को मौका देने के पक्ष में रहे हैं, इसीलिए उन्होंने समय से पहले ही टेस्ट क्रिकेट से सन्यास ले लिया था. लेकिन वनडे और T-20 अब भी खेल रहे हैं. हमें अक्सर देखने को मिलता है कि माही ख़ुद कई सीरीज़ से अपना नाम वापस ले लेते हैं, ताकि नए प्रतिभावान खिलाड़ियों को खेलने का मौका मिल सके. यही वो सब चीज़ें हैं, जो धोनी को अन्य प्लेयर्स से अलग बनाती हैं.

पुराने और सीनियर खिलाड़ियों द्वारा निभाई गयी ये परंपरा, नए और प्रतिभवान प्लेयर्स को भी प्रोत्साहित करेगी.

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