तेजी से विकसित होती टेक्नोलॉजी के साथ, हमारी सहूलियतें उंगलियों पर आ गई हैं. लेकिन एक बहुत बड़ा तबका है, जिसके लिए सहूलियतें बस नाम के लिए ही हैं. ये तबका है देश के दिव्यांगों का. 2011 के रिकॉर्ड के हिसाब से भारत की 2.21 प्रतिशत जनसंख्या दिव्यांग है. भारत के कई सार्वजनिक स्थानों और परिवहन सेवाओं में इनके लिए कोई खास सहूलियतें नहीं होतीं, जिसके चलते इन्हें काफ़ी परेशानी उठानी पड़ती है.

अमेरिकी नागरिक Virali Modi पिछले कई सालों से भारत में रह रही हैं. विराली के गले के नीचे के हिस्से में लकवा मार चुका था, जिस वजह से वो चल नहीं सकतीं. विराली ने रेलवे स्टेशन और बाकी सार्वजनिक स्थानों पर दिव्यांगों को बेहतर सुविधाएं प्रदान न किए जाने पर प्रधानमंत्री को खुला खत लिखा है.

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